मैं लिखुं ग़ज़ल
याद करके ज़ालिम और मुझको सज़ा न दे।तेरे वादों का ऐतबार नहीं मुझको दग़ा न दे।पुरानी मुहब्बतों के चिराग़ फ़िर
Read Moreयाद करके ज़ालिम और मुझको सज़ा न दे।तेरे वादों का ऐतबार नहीं मुझको दग़ा न दे।पुरानी मुहब्बतों के चिराग़ फ़िर
Read Moreगलियों में तेरी क़दम रखूंगा न कभी मैं भीअहद से अपने जो मुकर जाओ किसी दिन।ये तिशनगी बुझने का नाम
Read Moreसियासत को ज़माने की अभीभी न समझ सके तुम तो,दर्द है सीने में मगर, चहरे परमुस्कान सजा ली मैं ने,ज़माना
Read Moreमीरा बाई एक महान भक्ति संत और कवयित्री थीं, जिन्होंने अपने जीवनकाल में भगवान कृष्ण के प्रति अपने प्रेम और
Read Moreपलास तुम मन भावन से कितने सुंदर लगते हो।प्यारी आभा तुम्हारी धीरे धीरे तुम सज जाते हो।देख के तुम को
Read Moreडॉक्टर मुश्ताक अहमद शाह सहज हरदा मध्य प्रदेश से होने के नाते, उनकी जड़ें मध्य प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और
Read Moreजी में आता है के अब तर्क मुहब्ब्त कर दूंख़त तेरे सारे ही, हवाओं के हवाले कर दूं तकाज़ा ए
Read Moreबाद मुद्दतों के आज उनसे मुलाकात हुई।दिल जोर से धड़का दर्द उभर फिर आए।फसले गुल फसले बहार उफ मेरे अल्लाह।ये
Read Moreजीवनसाथी से अलगाव के बाद जीवन में एक बड़ा बदलाव आता है, अलगाव के कोई भी कारण हो सकते हैं,
Read Moreअच्छे कपड़े पहनें,छोटे छोटे लक्ष्य बनाएं , ना कहना भी सीखें, व्यायाम करें ,ईश्वर में यकीन करें ,आंखों से आंखें
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