उदासियों का मंज़र है
रातों को हमें नींद अब आती ही कहां हैनजरों में समाकर दिल में उतर गया कोई पनघट भी है उदास
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Read Moreहम में से सभी चाहते हैं कि हमे एक लंबा और स्वस्थ जीवन मिले,औऱ एक अधिक समय तक जीवित रहें,
Read Moreजब साथ होता था, होले होले से मुस्कुराता था।आंखें कहती थीं,ज़ुबां से कुछ कह पाता न था।मैं भी पागल था
Read Moreतुम्हारी ज़ुल्फ़ों की हंसी शाम मैं किस तरह भूलूँपहली नज़र ही आपकी उफ़ मैं किस तरह भूलूँ शौक था के
Read Moreहसरतों के साहिल पे दिल को अपने यूँ बिछाया न करो,तितलियाँ मुहब्बत की मासूम होती हैं, उन्हें उड़ाया न करो,खुशबू
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