ग़ज़ल
चांदनी तारों से सजी खुशनुमा सी लगती हैरात के सन्नाटे में पायलें ज़ोर से ख़नकती हैं इंतेज़ार की तुमने तो
Read Moreतन्हाइयां सारी मेरे नाम , करके गया है वो ।लौटकर आएगा वादा , करके गया है वो ।मुझसे कहा के
Read Moreमेघा गरजो और ज़ोर से बरसो न।भिगा दो तन मन। उन्हें बुलाओ न।इन बूंदों में भीगु, मगन मतवाला मैं।गीत मधुर
Read Moreवक़्ते जुदाई मुस्कुरा कर कह गया वो शख़्स मिलेंगें फ़िर कभी,अजनबी तो था, दो पल का मुसाफ़िर,(परदेशी) उसको यक़ीन कितना
Read Moreइज़हारे वफ़ा का वो पल सुहाना जो था,याद तो आता होगा।माज़ी का वो लम्हा कभी कभी तुमको भी तो रूलाता
Read Moreहमें इतनी फुर्सत कहां थी कि हम चले ही आते मुश्ताक़।तुमने हमें ना बुलाकर हाले दिल अपना बयां कर ही
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