मत पूछ
मत पूछो कहाँ खो रहा हूँ मैं तनहा तनहा क्यों रो रहा हूँ मैं हो सकता है कमी मुझमे ही
Read More( आज मैंने मार्किट में 2 लड़को को कोई ऐसी बात करए सुना की दिल में एक टीस सी उठी
Read More(यह कविता मैंने उस क्षण की कल्पना करके लिखी है जब मेरी बेटी बड़ी हो जायगी और मुझे उसकी इन्
Read Moreइस चित्र में आप जिसकी फोटो देख रहे हो वो कोई सामान्य अपराधी नही अपितु डेल्ही में इन्दर लोक रेप
Read Moreहर इंसान की दूसरे इंसान, समाज, समूह, वर्ग और संस्था आदि के बारे में कोई न कोई सोच अथवा विचार
Read Moreसमाज में न्याय अन्याय की बातें तो यदा कदा होती रहती हैं क्योंकि अन्याय है. तभी न्याय के लिए यह
Read Moreपापा (कविता ) जब बहुत छोटा था मै देश और दुनिआ से अनजान था मै इतना मासूम और नादान था मै
Read Moreमंडी (कविता) यह ज़िन्दगी मंडी है व्यापारियों की ज़िन्दगी नही है यह नही है यह ज़िन्दगी
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