सज़ा
कभी कभी सोचता हूँ कितना हँसती थी तू अब तेरी उदासी की वजह मैं तो नही चहक उठती थी जो
Read Moreमेरी आँखों मे देख क्या क्या नज़र आता है हक़ीक़त है या ख्वाब नज़र आता है तुम्हे तो लगता होगा
Read Moreतुझसे न दूर हो पाऊंगा सोचा था तुझे भूल जाऊंगा किसी ओर से दो बातें करके तेरी यादों से निकल
Read Moreजाने क्यों जब भी तुम्हे रोते हुए देखता हूँ सोचता हूँ खुद को कोई ऐसी सज़ा दूं जो ख़त्म कर
Read Moreसुनीता और उसके पति की आज कोर्ट में आखिरी तारीख थी। दोनों में तलाक होने वाला था। पिछले 6 महीने
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