खुद को टटोले तो अच्छा है
झूठ मधुर मधु के जैसा है, मीठा बोले तो अच्छा है। विष समान कटु लगे सत्य, सच ना बोले तो
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Read Moreनिज आँचल में फूल सँजोके पर-पथ कांटो से भर डालो और सुनाओ दुनिया वालों । सुनने को दो कान मिले
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Read Moreऐ मेरे मन के दिये तू हौशलों से काम ले, आ रही आंधी इधर खुद को जरा तू थाम ले
Read Moreजो खुशी गम के पल आते जाते रहे, कुछ रहे याद कुछ हम भुलाते रहे । नींद रातों की छीनी
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