पीर
झूठी शान अब हमसे दिखाई नहीं जाती, ये दुनियादारी की रस्में निभाई नहीं जाती । मत डाल इतना बोझ इन
Read Moreबिखरे जज्बातों की एक झड़ी जिन्दगी, हर तरफ उलझनों से भरी जिन्दगी । भोर के तारे सी आसमां में सजी,
Read Moreकवि के मन में सहसा उपजे, भांति भांति के विचार है कविता, कवि का हृदयोद्गार है कविता । प्रणय मिलन
Read Moreसच्चाई को भुलाए, बस अपनी ओर बुलाए, गहरी निंद्रा में सुलाए, मनचाही राह चलते है । आँखों में सपने पलते
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