भौतिकवाद में कहां मानवता
इच्छाओं के समंदर को छोटे से घङे मे कैद किया जा सकता है। सीमित संसाधनों के सहारे भी जिन्दगी को
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Read Moreहौसलों में अगर उड़ान हो तो मंजिल निश्चित है, जीवन में कठिनाइयाँ आएंगी लेकिन फिर भी मंजिल मिलना निश्चित है
Read Moreहर आत्मा का जन्म निश्चित है। हर आत्मा अपने पिछले जन्मों के कर्मों के अनुसार इस सृष्टि पर जन्म लेती
Read Moreसरस्वती का वरदान विनयशील को मिलता हैं इसलिए तो हंस मानसरोवर में मोती चुगता हैं। वि शब्द विशिष्टता को समेट
Read Moreप्रसिद्ध दार्शनिक देकार्ट ने कहा – मैं सोचता हूँ, इसलिए मैं हूँ। मेरे अस्तित्व का प्रमाण हैं कि मैं सोचता
Read Moreहमारे जीवन में रोटी का प्रश्न पहला प्रश्न हैं । यह पहला प्रश्न है इसलिए सबसे बड़ा प्रश्न हैं ।
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