मुमुक्षा
चारित्र मोहनीय कर्म के क्षयोपशम होने के बाद ही मुमुक्षा में आत्मा केन्द्रित हो जाती हैं। वह पाँच महाव्रत को
Read Moreहम देखते है कि रात भर के आराम की गहरी निद्रा के बाद ब्रह्म मुहूर्त में जब समय अंगड़ाइयां लेता
Read Moreहम हर वर्ष 28 फ़रवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाते है ।यह दिन हमारे जीवन में विज्ञान के प्रति चिन्तन
Read Moreचंदन की समुचित घिसाई,सुगंध के साथ उसकी शीतलता मे भी नये प्राण भर देती है। विषय, और वस्तु के त्याग
Read Moreतृष्णा की आग लगी है तो तपन रहेगी ही रहेगी । वह ढ़लान की दिशा मे जल की धार बहेगी
Read Moreकहते है कि जब मन में किसी बात को लेकर दुःख, तनाव आदि आता है तो हमारे धैर्य की परीक्षा
Read Moreजानने और मानने में जैसे अंतर है,वैसे ही हम कैसे हैं और कैसे दिखाने की कोशिश करते हैं,में अंतर है,लेकिन
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