न लिखने की मजबूरी
सामने आ गया बहुत बड़ी मजबूरी,सच नहीं लिखना था जरूरी,उस दिन मेरे झूठे आत्मसम्मान कोपड़ गया कसकर घूंसा,पैसे वालों ने
Read Moreसामने आ गया बहुत बड़ी मजबूरी,सच नहीं लिखना था जरूरी,उस दिन मेरे झूठे आत्मसम्मान कोपड़ गया कसकर घूंसा,पैसे वालों ने
Read Moreजिस बात का डर था आज वहीं हो गया,जीवन के आकाश से एक सितारा खो गया,जब से आया वो सीने
Read Moreपाखंडवाद को खत्म कर जानाअभी किसी के बस की बात नहीं,मदमस्त हो किस ओर जा रहेकिसी को भी आभास नहीं,उन्नति
Read Moreभ्रष्टाचारियों अपने चेहरे पर स्माइल लगा दो,चुनाव आ रहा है झट से वो फ़ाइल जला दो,खेलो नाचो डांडिया गरबा गाओ
Read Moreधूर्तों तना या पेड़ तोबार बार काटते आये हो,उसी पेड़ के फल खाये हो,शायद जड़ काटने की तुम्हारी औकात नहीं,जड़
Read Moreक्या बताएं वो समय ही कुछ और था,तब मनोरंजन के लिए रेडियो का दौर था,स्टेशन खुलने से पहले बजते रोचक
Read Moreइंसां मरता है मर जाए,बीमारी से ही गुजर जाए,पर जानवरों का सही इलाज करो,इंसानियत छोड़ो साथीपशुवत अंदाज धरो,राजनीतिक माताओं का
Read Moreजनाब कितने आये और कितने गये,पर हम आज भी वहीं हैं जहां थेभले ही न बन पाये आपके जैसे नये,बुरी
Read Moreउचित नहीं है नफे और नुकसान कीपरवाह किए बिना निश्चिंत रहना,जानकारी हमें आगाह करता हैआगे की राह बताता है,नहीं भटकाता
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