Author: रमेश कुमार सिंह 'रुद्र'

गीत/नवगीतपद्य साहित्य

प्रेम में रंजीत कर जीवन प्रेममय कर दो!!

प्रेम में रंजीत कर, जीवन प्रेममय कर दो। दिल के अंधेरे में, प्रेम का प्रकाश कर दो।। मुझे प्रेमयुक्त दुनिया

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