मुक्तक
————–मुक्तक- (१)————— अपने आपके लिए…. बहुत से लोग जीते हैं। कभी एक दूजे के लिए भी.. लोग जी लेते हैं।
Read Moreप्रेम में रंजीत कर, जीवन प्रेममय कर दो। दिल के अंधेरे में, प्रेम का प्रकाश कर दो।। मुझे प्रेमयुक्त दुनिया
Read Moreबरसात का मौसम है पानी टपक रहा है शीतलता मिल रही है आनन्द आ रहा है बारिश के बुन्दों से
Read Moreप्रतिक्षण, प्रतिपल, प्रतिदिन, मेरे हृदय के दीपक धिरे-धिरे जल। मेरे प्रिये का पथ अलोकित कर। मृदु आभास, अपरिमित, जीवन का
Read Moreअपनी दुनिया को देखने में हम लगे हैं रंग भरी दुनिया रंगीन बनाने में लगे हैं कैसे बनेगा कुछ पता
Read Moreअपने बचपन की बातें मुझे आज भी याद है साथियों के साथ खेलना कुदना बहुत सुंदर पल था टोली बनाकर
Read Moreजागो हमारे देश वासियों आज देश जकड़ा है भ्रष्टाचारियों से। हर अपराध रहस्यमय बनता जा रहा है इनके क्रियाकलापों से।
Read Moreयह एक प्राकृति के द्वारा दी गयी हमारे लिए समस्याएं हैं, जिसे हमलोगो को कष्टो एवं क्षति के साथ झेलना
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