” नव वर्ष का उत्सव “
मनाता है एक बार साल में, निर्धन व्यक्ति। मनाता है प्रतिदिन साल में, धनी व्यक्ति। मनाता है हर-क्षण साल में,
Read Moreमनाता है एक बार साल में, निर्धन व्यक्ति। मनाता है प्रतिदिन साल में, धनी व्यक्ति। मनाता है हर-क्षण साल में,
Read Moreअचरज है कि, तु खड़ा है। हिम का, आलय बन कर। अपने पावन पवित्र जल से पग धो रहा है,
Read Moreअंधकार छा जाता है, चारो ओर। नहीं कोई राह सूझती है, तब हमें राह दिखलाती है, आशा की किरण। बुझ
Read Moreआओ मिलकर सम्मान करें। मात्रृभुमि कल्याण करें। वृक्षों को ना काटे हम। फूलों को ना तोड़े हम। दूषित, पानी को
Read Moreयही है , विद्यालय के बच्चे बच्चे हैं, विद्यालय के यही। आविष्कार, विज्ञान की नई। रचना, रचयिता की नई। कहानी
Read More