भाषा-साहित्य

अच्छा लेखक कैसे बनें

अच्छे लेखक बनने के लिए कलम, कापी के साथ एक अच्छे भावों की आवश्यकता होती है। किसी के यहाँ आपकी भावना गिरवी न हो। सत्य पर नोंक-झोक करने की ताकत है तो आपकी लेखनी में एक धारदार चमक पैदा हो सकती है।

एक मानवीय गुणों से भरपूर होना पड़ेगा। जरूरतमंद व्यक्ति के लिए आपको व्यक्तिगत नुकसान उठाना पड़ सकता है। ह्रदय में पवित्र नदी की धारा का प्रवाह होना चाहिए। निरंतर बिना किसी का नुकसान किये आप एक भाव गति से आगे बढ़ने की ललक हो। सचमुच एक लेखक का गुण समझिये आना शुरू हो गया।

आपके अंदर किसी कमजोर व्यक्ति को देखकर नफरत की भावना नही जगनी चाहिए। किसी के प्रति गलत दृष्टिकोण रखना आप समझ लीजिये कि आप लेखकीय गुणों को कमजोर कर रहे हैं। इस हालात में आपके लेखन में बदबू आ सकती है जो आपकी लेखकीय शक्ति को कमजोर कर देगा।

समाज के सबसे कमजोर तथा असहाय व्यक्ति अगर गलती से थोड़ा आपके साथ गलत कर दिया है तो आपको उस समय जितना हो सके सहज बने रहना होगा और उनके साथ विनम्रता का व्यवहार करना पड़ेगा। सचमुच कहता हूँ एक से एक महान रचनाओं का प्रस्फुटन होने लगेगा।

आप अपने सच्चे ह्रदय तथा मन की बात ही माने। किसी के बहकावे में आकर कोई गंदा आचरण न अपनायें। धीरे-धीरे आपकी भावना परिपक्व हो जायेगी। सही तथा गलत का निर्णय स्पष्ट रूप से लेने लगेंगे। आपकी रचनायें स्पस्ट बात करना शुरू कर देगी।

इन सब सोंच के साथ लेखन में कूदते हो तो आप सफल लेखक की ओर जा रहे हो। आपकी हर रचना बेबाक बात करेगी। तब आप किसी के दबाव में आकर रचना नहीं करेंगे। स्वतंत्र तथा निष्पक्ष आप सदैव बनें रहेंगे। लेखकीय चमक का प्रकाश पूरी दुनिया में फैल जायेगा।

— जयचन्द प्रजापति ‘जय’

*जयचन्द प्रजापति

प्रयागराज मो.7880438226 jaychand4455@gmail.com

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