“हँसता गाता बचपन”
“हँसता गाता बचपन” की भूमिका और शीर्षक गीत — हँसता-खिलता जैसा, इन प्यारे सुमनों का मन है। गुब्बारों सा नाजुक,
Read More“हँसता गाता बचपन” की भूमिका और शीर्षक गीत — हँसता-खिलता जैसा, इन प्यारे सुमनों का मन है। गुब्बारों सा नाजुक,
Read Moreसूरज ने है रूप दिखाया। गर्मी ने तन-मन झुलसाया।। धरती जलती तापमान से। आग बरसती आसमान से।। लेकिन है भगवान
Read Moreजब-जब आती मस्त बयारें, तब-तब हम लहराते हैं। काँटों की पहरेदारी में, गीत खुशी के गाते हैं।। हमसे ही अनुराग-प्यार
Read Moreरंग-गुलाल साथ में लाया। होली का मौसम अब आया। पिचकारी फिर से आई हैं, बच्चों के मन को भाई हैं,
Read Moreबौरायें हैं सारे तरुवर, पहन सुमन के हार। मोह रहा है सबके मन को वासन्ती शृंगार।। गदराई है डाली-डाली, चारों
Read Moreधूप और बारिश से, जो हमको हैं सदा बचाते। छाया देने वाले ही तो, कहलाए जाते हैं छाते।। आसमान में
Read Moreरंग-बिरंगी पेंसिलें तो, हमको खूब लुभाती हैं। ये ही हमसे ए.बी.सी.डी., क.ख.ग. लिखवाती हैं।। रेखा-चित्र बनाना, इनके बिना असम्भव होता।
Read Moreमतलब पड़ा तो सारे, अनुबन्ध हो गये हैं। नागों के नेवलों से, सम्बन्ध हो गये हैं।। बादल ने सूर्य को
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