गीतिका/ग़ज़ल समीर द्विवेदी नितान्त 16/02/2021 ग़ज़ल मैं न जाऊँगा ये कहते हो मगर जाओगे..।। माना कुछ देर अभी और ठहर जाओगे..।। मैं तो सागर हूँ न Read More
गीतिका/ग़ज़ल समीर द्विवेदी नितान्त 16/02/2021 ग़ज़ल जानता हूँ इस भँवर से मैं निकल सकता नहीं..।। देख कर तूफाँ मगर रूख भी बदल सकता नहीं..।। माना करूणा Read More