मुक्तक/दोहा समीर द्विवेदी नितान्त 02/03/2022 दोहे होली में मिलकर गले , मेंटें सभी मलाल । प्रेम मार्ग पर पग रखें, लेकर रंग गुलाल ।। प्रीत का Read More
गीतिका/ग़ज़ल समीर द्विवेदी नितान्त 20/01/2022 ग़ज़ल सोंचते क्या हो बढ़ के वार करो , दिल की नफरत का तुम शिकार करो । सोंचना अपना औ पराया Read More
गीतिका/ग़ज़ल समीर द्विवेदी नितान्त 14/01/2022 ग़ज़ल देखने में इस कदर खुश शक्ल ये तूफान है ।। नफरतों के फूल लेकर झूमता इन्सान है ।। आप हैं Read More
गीतिका/ग़ज़ल समीर द्विवेदी नितान्त 07/12/2021 ग़ज़ल .आदत ये पुरानी है कमजर्फ जमाने की ।। करता है सदा कोशिश उठते को गिराने की ।। डरते हैं उतरने Read More
गीतिका/ग़ज़ल समीर द्विवेदी नितान्त 24/11/2021 ग़ज़ल हर एक शख्स ही तनहा दिखाई देता है ।। कभी डरा कभी सहमा दिखाई देता है ।। यही खयाल ही Read More
गीतिका/ग़ज़ल समीर द्विवेदी नितान्त 16/11/2021 ग़ज़ल रौशनी घायल पडी है आजकल ।। हर नजर में बेबसी है आजकल ।। नाखुदा तो साफ बच जाता है दोस्त.. Read More
गीतिका/ग़ज़ल समीर द्विवेदी नितान्त 28/09/2021 ग़ज़ल आओ नुक्कड़ पे चाय पीते हैं ।। चन्द लम्हे सकूँ के जीते हैं ।। क्या बताएँ ए दोस्त तेरे बिन.. Read More
गीतिका/ग़ज़ल समीर द्विवेदी नितान्त 25/09/2021 ग़ज़ल तनहा गजल ।। आँखें सजल ।। दस्तूर से….. यूँ मत निकल ।। दुनिया नहीं… खुद को बदल ।। खुद से Read More
गीतिका/ग़ज़ल समीर द्विवेदी नितान्त 20/08/2021 ग़ज़ल दिल की बात जुवाँ पर लाना, मुझको मुश्किल लगता है ।। इससे ज्यादा राज छुपाना, मुझको मुश्किल लगता है ।। Read More
बाल कविता समीर द्विवेदी नितान्त 10/07/2021 बादल लहर लहर लहराते बादल। बिजली संग इतराते बादल।। सबके मन को भाते बादल। जब नभ पर छा जाते बादल।। काले Read More