लौ दीये की
बहुत ढूंढा कहीं मिला ही नहींवह पत्थर जिस पे सर रखकरकभी अर्पित कर सकतीअपनी मासूम इच्छाएं सौंप देती अपने सारे
Read Moreबहुत ढूंढा कहीं मिला ही नहींवह पत्थर जिस पे सर रखकरकभी अर्पित कर सकतीअपनी मासूम इच्छाएं सौंप देती अपने सारे
Read Moreतुम्हारा परोक्ष रुप सेमेरे सामने होनाया न होनायूं तो दिल को सब पता थाबस एक ख्याल जो साथ रहा करती
Read Moreकरता कोई असर नहीं कोई भी जब दवाबस एक दुआ ही काम आजार में आवे जीवन मिला जिसे बड़ भाग्य
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