कहानी – याद आ गई वो
जब – जब कोई त्यौहार आता है, बाजारों की रौनक, चहल-पहल बढ़ जाती है। होली का त्योहार , दीपावली का
Read Moreजब – जब कोई त्यौहार आता है, बाजारों की रौनक, चहल-पहल बढ़ जाती है। होली का त्योहार , दीपावली का
Read Moreगीत मेरे क्यों,बेसुरे से हो गए हैं,साज वही, संगीत वही,सुर भी वही हैं! बोल मेरे क्यों,अटपटे से हो गए हैं,ताल
Read Moreओ मेरी मां,तेरी याद बहुत आती है,आशा दूर तलक,साथ नहीं निभाती है! है नहीं कोई,जो पूछे मुझसे,कहां जा रहा है,बापू
Read Moreयह धूप भी,बड़ी निर्दयी है,जरूरत होती है,तब नहीं निकलती है,जब जरूरत नहीं होती,तब आंँखें फाड़कर,देखा करती है,ठीक तुम्हारी तरह! आज
Read Moreएक खानदानी अमीर जिसके पिता और दादा ने चाँदी की थाली और सोने के चम्मच में खिलाया था। सेठ सोच
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