ज़रूरी वक्त पर कुछ फ़ैसला करने नहीं देता
ज़रूरी वक्त पर कुछ फ़ैसला करने नहीं देता बशर का ड़र बशर को कुछ नया करने नहीं देता समझते ख़ूब
Read Moreज़रूरी वक्त पर कुछ फ़ैसला करने नहीं देता बशर का ड़र बशर को कुछ नया करने नहीं देता समझते ख़ूब
Read Moreभाषणों से विष हवाओं में मिलाया जाएगा धार्मिक उन्माद को फिर से जगाया जाएगा नफ़रतों की आग में गुलशन जलाया
Read Moreजितना पूजा पाठ कीजिये, माला जपिये नाम की। जब तक मन में द्वेष रहेगा, भाव भक्ति किस काम की।। तन
Read Moreविजय वरण का मंत्र निहित है आत्म शक्ति में और लगन में है असफ़ल होने का मतलब कमी रही है
Read Moreबैठ मत यूँ मुश्किलों से हार कर। उठ चुनौती वक्त की स्वीकार कर।। कौन जाने भाग्य में विधि ने लिखा
Read Moreरंग मंच के पात्र निभाकर, निज किरदार चले जाएंगे। कौन यहाँ रहने वाला है, सब उस पार चले जाएंगे।। मिलन
Read Moreअना सम्मान लहजा और तेवर छीन लेती है ग़रीबी क़द्र क्या दस्तार क्या सर छीन लेती है पदों पर बैठने
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