Author: *डॉ. सत्यवान सौरभ

कविता

हरियाली तीज : झूले मन के, साज ऋतु के

झूले डोलें पीपल डाली,हरियाली ने चुनर संभाली।मेंहदी रचें हथेली प्यारी,सावन आई सखियों वाली। गीतों में मधुरिम तानें,बोलें दिल की अनकही

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शिक्षा एवं व्यवसाय

शिक्षक या चप्पल निरीक्षक? CET ड्यूटी का अपमानजनक आदेश

हरियाणा सरकार द्वारा CET (कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट) परीक्षा के दौरान शिक्षकों को बस स्टैंडों पर ड्यूटी देने का निर्णय महज

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बाल कविता

रंग-बिरंगे सपने

रंग-बिरंगे सपनों की उड़ान,हँसते-खिलखिलाते बचपन का गान।छोटी-छोटी मुस्कान, नन्हें-नन्हें पंख,आसमान छूने की बस एक छोटी सी चाह। चिड़िया सी फुर्ती,

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भाषा-साहित्य

अख़बारों में साहित्य की हत्या और शब्दकर्मियों की बेइज़्ज़ती

आज के अधिकांश अख़बारों से साहित्यिक पन्ने या तो पूरी तरह गायब हो चुके हैं या केवल खानापूरी तक सीमित

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