मृत्यु! तू भूल कर रही है
ऐ मृत्यु! तू इतना सकुचाती क्यों है?पास नहीं आती क्यों है?क्या गिला शिकवा शिकायत है हमसे?जो रुठी हुई दूर रहती
Read Moreऐ मृत्यु! तू इतना सकुचाती क्यों है?पास नहीं आती क्यों है?क्या गिला शिकवा शिकायत है हमसे?जो रुठी हुई दूर रहती
Read Moreकालबेल की आवाज सुनकर रिचा ने दरवाजा खोला तो सामने सीमा को देखकर चौंक बड़ी अरे…आप… !हां भाभी! मुझे माफ़
Read Moreसौभाग्य की बात है कि यमराज मेरा यार हास्य-व्यंग्य काव्य-संग्रह की समीक्षा करने का सुअवसर मुझे प्राप्त हुआ है। हालांकि
Read Moreवैसे तो किसी भी पुस्तक की समीक्षा लिख पाना मेरे लिए अत्यंत दुष्कर कार्य है, फिर भी एक असफल प्रयास
Read Moreसुधीर श्रीवास्तव दादा जी द्वारा सृजित हास्य व्यंग्य काव्य संग्रह “यमराज मेरा यार” लोक रंजन प्रकाशन प्रयागराज द्वारा प्रकाशित है।
Read Moreयमराज मेरा यार कृति एक हास्य काव्य संग्रह है जो कि डॉ.सुधीर श्रीवास्तव दादा जी द्वारा रचित है। लोकरंजन प्रकाशन
Read Moreडॉ. सुधीर श्रीवास्तव द्वारा रचित काव्य संग्रह “यमराज मेरा यार” एक अनूठी साहित्यिक प्रस्तुति है, जो अपने शीर्षक से ही
Read Moreसरल, सहज बहुमुखी प्रतिभा के धनी कवि साहित्यकार डॉ सुधीर श्रीवास्तव का हास्य व्यंग्य काव्य संग्रह ‘यमराज मेरा यार’ की
Read Moreप्रस्तुत हास्य -व्यंग्य काव्य संग्रह “यमराज मेरा यार” की समीक्षा से पूर्व मूल अभिप्राय समझने के लिए हमें इसके लेखक
Read More