भ्रष्टाचार अमर रहे
आजकल सभी लोग भ्रष्टाचार का उन्मूलन करने के लिए प्राणपण से जुटे हुए हैं I देश की एक सौ तीस
Read Moreआजकल सभी लोग भ्रष्टाचार का उन्मूलन करने के लिए प्राणपण से जुटे हुए हैं I देश की एक सौ तीस
Read Moreचुनाव की ऋतु थी, वैसे ही जैसे प्रेम करने की ऋतु होती है, गोलमाल करने की ऋतु होती है, रिश्वत
Read Moreअपने देश में जब से घोटालों का धारावाहिक आरंभ हुआ है तब से रिश्वतजीवियों की बची – खुची अपराध भावना
Read Moreआजकल जिसे देखो सरकार को गाली देता रहता है जैसे सरकार न हुई, गाँव की भौजाई हो गई I ‘अहर्निशं
Read Moreअरुणाचल प्रदेश अपने नैसर्गिक सौंदर्य, सदाबहार घाटियों, वनाच्छा्दित पर्वतों, बहुरंगी संस्कृरति, समृद्ध विरासत, बहुजातीय समाज, भाषायी वैविध्यन एवं नयनाभिराम वन्यत-प्राणियों
Read Moreआज श्री रूप सिंह चंदेल का उपन्यास “दगैल” पढ़कर समाप्त किया I इसके पात्र कई दिनों तक मेरी नींद में
Read Moreजब से गांव में शहरीकरण की प्रवृत्ति बढ़ी है और शिक्षा का प्रसार व व्यापारीकरण हुआ है तब से एकता
Read Moreदंगाई देश के सम्मानित नागरिक होते हैं, वे भी देश का नमक खाते हैं, उनका भी घर है, परिवार है,
Read Moreमेरी पुस्तक “उत्तर – पूर्वी भारत के आदिवासी” प्रकाशित हो चुकी है I यह अमेज़न पर ऑनलाइन भी उपलब्ध है
Read Moreस्वतंत्रता के बाद से ही पूर्वोत्तर के राज्य उग्रवादी गतिविधियों से जूझते रहे हैं I विद्रोह और उग्रवाद को दबाने
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