चाहता हूं मैं. . . . .
कि फिर यादों की बस्ती में जाना चाहता हूं मैं बहुत भटका
Read Moreकि फिर यादों की बस्ती में जाना चाहता हूं मैं बहुत भटका
Read Moreकैसा ये गजब हुआ है है कानों पर विश्वास नहीं भारत मां के आंचल का हीरा अब भारत मां के
Read Moreसदियों से जो आदर्श रहा, और धरती का अभिमान रहा जो रघु वंश का कुल गौरव, आन बान और शान
Read Moreभक्तों के भक्ति की भाषा त्याग और तप की परिभाषा पर्वत है चरण को चूम रहा नमन करते देव भाष्कर
Read Moreमाफ करना मुझे मेरी देवी सी मां जाते जाते ये वादा मैं कर जाऊंगा ये जनम था मेरा मातृभूमि के
Read Moreये साहस और ये दमखम देश प्रेम बल दायक हैं है अभिनंदन हे वीर पुरुष आप देश के सच्चे नायक
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