तुम्हारा एहसास
जरुरी नहीं की बातें ही हों तुम आसपास हो यह एहसास ही काफ़ी है जीने के लिए
Read Moreजरुरी नहीं की बातें ही हों तुम आसपास हो यह एहसास ही काफ़ी है जीने के लिए
Read Moreसुबह की हंसीओस में नहाया मनखुशियां खिल उठीं हल्की सी धूपआंगन में फैल गईसुकून ही सुकून हवा का झोंकामन से
Read More1.रिश्ते टूटे कहाँ हैं,हम टूटे हैंअहंकार के भार तलेप्रेम दबकर रह गया। 2.घर तो दीवारें हैं,टूटे हैं मनजिन्होंने संवाद छोड़
Read Moreशरद ने कानों में आकर,कह दिया चुपके से गाकर —“पाकर मुझको निखर गई ना?सच कहो, तुम सिहर गई ना?” धवल
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