ममता की परीक्षा ( भाग -3 )
ममता की परीक्षा ( भाग -3 ) ” जी ! ” अमर ने पूरे आत्मविश्वास से जवाब दिया। दरवाजा खोलकर
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Read Moreऔर फिर क्या था ? रजनी ने अपनी योजना को अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया । अमर लाख
Read Moreरजनी कॉलेज में प्रथम वर्ष की छात्रा थी । बेहद खूबसूरत, गौरवर्णीय व छरहरे कद काठी की स्वामिनी उन्नीस
Read Moreबाहर नारों की आवाज शांत होते ही वह लीडर जैसी दिखनेवाली संभ्रांत महिला नंदिनी के करीब पहुंची और उसके कंधे
Read Moreथोड़ी ही देर में वह भारी वाहन धीरे धीरे चलते बंगले के गेट के सामने आ गया । जिस तरह
Read Moreइंसानियत – एक धर्म ( भाग – सैंतालिसवां ) तड़पते हुए कर्नल साहब अचानक फर्श पर गिर पड़े । उन्हें
Read Moreकिसी अनहोनी की आशंका से नंदिनी संशकित हो उठी थी लेकिन मन के भाव अपने अंतर में दबाते हुए नाराजगी
Read Moreनंदिनी की भीगी पलकें किसी से छिपी नहीं थीं । फिर भी बरामदे की सीढ़ियां चढ़ते हुए उसने बड़ी सफाई
Read Moreबिरजू और परी को बंगले के अंदर जाते हुए नंदिनी कुछ देर खड़ी देखती रही । मुनीर के दिमाग में
Read Moreमुनीर के इतना कहते ही परी ने खुलकर अपनी नाराजगी का इजहार किया और मुंह फुलाकर बिसूरते हुए बोली ”
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