Monthly Archives: November 2015


  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    बस तुम्हारा नाम ले हद से गुज़र जायेंगे हम. इश्क के किस्से सुनायेंगे जिधर जायेंगे हम. प्यार की टेढ़ी सडक पर कौन सीधे चल सका, मुश्किलें होंगी मगर उस राह पर जायेंगे हम. इस जहाँ में...

  • क्षणिकाएँ

    क्षणिकाएँ

    (1) प्रीत की रीत मन बदरंग, जुबां काली दिल में पाप, कर्मों में छल कौन अपना, कौन पराया पीठ पीछे वार, सामने दुलार आँखों में धोखा, दिखावे की परत अपनों से बेगानापन, आत्मीयता का अभाव इस...

  • गज़ल !

    गज़ल !

    वफा के मंजर यूँ बदले कि वो तस्वीर ए जाना हो गए बेखुदी में यूँ रफ्ता रफ्ता हम खुद ही निशाना हो गए ।। मासूम से दिल ने मेरे सजदा किया कुछ इस तरह चाक दामन...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    हसरत-ए-दिल-ए-बेकरार कहां तक जाती दश्त-ए-तनहाई के उस पार कहां तक जाती मैं ज़मीं पर था तुम कोहसार-ए-गुरूरां पर थे गरीब की ख्वाहिश-ए-दीदार कहां तक जाती मैं तो आया था तुमने हाथ बढ़ाया ही नहीं इकतरफा दोस्ती...