गीतिका/ग़ज़ल

है जिंदगी

एक प्रयास ….

अंधेरों पर उजियारे का फरमान है जिंदगी
रखती कितने खूबसूरत अरमान है जिंदगी।।
समेटना हमें बिखरी जहाँ भर की खुशियाँ
सच मानो तो सुखो की ही खान है जिंदगी।।
जिन्होंने सुनहरा जहाँ हमको दिखाया ऐसे
मात पिता का दिया हुआ वरदान है ज़िन्दगी।।
जगत में आये है मानव जन्म लेकर फिर
पुनीत काम कर कमाना सम्मान है जिंदगी।।
बेसहारे को मिले सहारा करना है ऐसे काम
रोते को हँसा दिया फिर धनवान है जिन्दगी।।
“दिनेश”

दिनेश दवे

नाम : दिनेश दवे पिता का नाम :श्री बालकृष्ण दवे शैक्षणिक योग्यता : बी . ई . मैकेनिकल ,एम .बी.ए. लेखन : विगत चार पांच वर्ष से , साँझा प्रकाशन पता : दिनेश दवे , केमिकल स्टाफ कॉलोनी ,बिरलाग्राम, नागदा जिला उज्जैन ..456331..मध्य प्रदेश