राजनीति

कौन सुनेगा बांग्लादेशी हिंदुओं की आवाज ?

भारत की राजनीति अल्पसंख्यकवाद पर टिकी हुई है। लोकसभा व विधानसभा चुनाव आते ही सभी दल अल्पसंख्यकों के हितों को पूरे जोर-शोर से उठाने लग जाते हैं। अल्पसंख्यकों के मुद्दे उठाते समय इन सभी दलों को देशहित व समाजहित की कतई चिंता नहीं रहती है। लेकिन जब हमारे ही पड़ोसी देश बांग्लादेश वा पाकिस्तान में […]

कविता

तेरे बिना

सोचा न था… जी पायेंगे… तेरे बिना मैं भी जी रही हूँ , रिश्ते निभा रही हूँ इस जिन्दगी के संग, आगे बढ़ती जा रही हूँ ! कमी नहीं है कोई, यूँ जिन्दगी में मुझको पर फिर भी कुछ तो है … जो अधूरा है… तेरे बिना !! तेरी यादों को, मैंने संजो के रखा […]

गीत/नवगीत

गीत : विपक्षी चाल है

देश की दशा को देख मन मेरा बेहाल हैं। बार बार मन मेरा ये कर रहा सवाल है। किसको है आजादी मिली, कौन खुशहाल है। नेता हैं विधाता बना, जनता फटे हाल है। और, कह रहे है मंत्री जी कि ये विपक्षी चाल है।1। देश का दर्पण दिल्ली, दुःख, दुर्दिन, द्वंदो से भरा हुआ। नारी […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

बहुत मनाया, वो न माने, चले गये । तोड़ के सारे ताने बाने चले गये । दादी  के किस्सों मे सच्चे लगते थे, बचपन के वो राजघराने चले गये । जात, पाँत, धन, दौलत, शोहरत, का अन्तर, बचपन के सब मीत  पुराने  चले गये । जिनके खातिर खोले दिल के दरवाजे वो  स्वप्नों  के महल ढहाने चले गये । नीड़ बनायी,  मेहनत  से पाला पोसा पंख उगे,  हो  गये सयाने चले गये । — दिवाकर दत्त त्रिपाठी

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

नहीं    गर  तेरे  स्तर  का   हूँ   । बतला दो, तो फिर मैं क्या हूँ ?, तुम विद्युत क्रत्रिम प्रकाश हो मैं  पूनम  की  चन्द्र  प्रभा  हूँ   । तुम महलों का  राजरोग  हो मैं फुटपाथ की अमिट छुधा हूँ । तुम उद्घोष हो एक कर्ण कटु मैं  विरही  की  गीत व्यथा हूँ । तुम  कल्पनामयी  […]

क्षणिका

शीत लहर कब आयेगी?

गर्मी है या सर्दी है पता नहीं चल रहा है नोटों  के चलन अचलन से विचलित है सबका मन आग जलाते है तो लोग कहते काये नोट जला रहे हो ! इस लिए भैया शीत लहर कब आयेगी ।  

क्षणिका

आजदी के गीत गाओ कतार में

कतार में परेशानी हो रही हो मस्तिष्क काम न कर रहा हो आजादी के  गीत गाओ कतार में मुद्रा महाकुम्भ में आप को और साथियों को देश प्रेम की लहर आयेगी । जयहिंद      

लघुकथा

अधिकार

रोज़ की तरह आज भी अलीशा ने सुबह की चाय बनाई । रोज़ ही तरह उसने खाना बनाया और राकेश ऑफिस चला गया । आज उसका मन नहीं लग रहा था ऑफिस में । घर में भी अलीशा से ज्यादा बात नहीं हुई थी । आज उनकी शादी की सालगिरह थी । हमेंशा अलीशा ठीक […]