शिशुगीत

28.लटू

(बाल काव्य सुमन संग्रह से)
फर-फर-फर-फर लटू घूमे,
बच्चों को दे हर्ष अपार,
इससे सीखें काम निरंतर,
करके, देना हर्ष अपार.
हरा-सुनहरी-नीला-पीला,
लाल-गुलाबी रंग-रंगीला,
डोरी इसको नाच नचाए,
तो भी लगता है सपनीला.

*लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। लीला तिवानी 57, बैंक अपार्टमेंट्स, प्लॉट नं. 22, सैक्टर- 4 द्वारका, नई दिल्ली पिन कोड- 110078 मोबाइल- +91 98681 25244