हे राम तुम्हें आना होगा, हे राम तुम्हें….

हे राम तुम्हें आना होगा, हे राम तुम्हें…
जन्म हुआ था कहां आपका,
आप स्वयम् बतलाना होगा।
हे राम तुम्हें आना होगा, हे राम तुम्हें…

नर-नारी वाले सेवक सब लड़ते हैं,
कोई कोर कल्पना, सत्य कोई कहते हैं।
आप हुए थे अवध की माटी के बालक,
सत्य सभी को आकर ही बतलाना होगा।

हे राम तुम्हें आना होगा, हे राम तुम्हें…

जननायक बन राम सेवक मरवाया जिसने,
साधु संत पर तप्त लौह बरसाया जिसने।
बाहुबली हैं सत्ता वाले सभी निरंकुश,
आकर स्वयं पहचान उन्हे बतलाना होगा।।

हे राम तुम्हें आना होगा, हे राम तुम्हें…

कुछ कहते हैं दशरथ वशरथ कहां हुए था,
लव-कुश वाला बाप राम कहां हुआ था,
कोर कल्पना रामचरित हिंदू संतों का,
साधु संत का सत्य राम बतलाना होगा।

हे राम तुम्हें आना होगा, हे राम तुम्हें…

बाबर वाली मस्जिद पर हुआ जन्म तुम्हारा है,
या कोई और जन्मस्थली जिसे भूला जग सारा है।
जन्मभूमि पर मंदिर हो, चाह सभी सनातनी का,
जन्म अवतरण जैसे भी हो, सत्य आज बतलाना होगा।

हे राम तुम्हें आना होगा, हे राम तुम्हें…

जन्म हुआ था कहां आपका,
आप स्वयम् बतलाना होगा।

हे राम तुम्हें आना होगा, हे राम तुम्हें…

🙏🙏🙏🙏🙏
।। प्रदीप कुमार तिवारी।।
करौंदी कला, सुलतानपुर
7978869045

परिचय - प्रदीप कुमार तिवारी

जन्म वर्ष . - 1989 निवास स्थान. - करौंदी कला, शुकुलपुर, सुलतानपुर, उत्तर प्रदेश। माता /पिता. - आशा देवी /दिनेश कुमार तिवारी। शिक्षा. - स्नातकोत्तर संस्कृत विषय से। कविता लिखने का शौक बचपन से ही है, अपने स्वतंत्र बिचारों को कविता के रूप में लिखना मुझे अत्यंत प्रिय है।