गठबंधन के आंसू

आंसू 
कई तरह के
देखे-सुने-भोगे हैं
खुशी के आंसू
ग़म के आंसू
तनहाई के आंसू
जमहाई के आंसू
हास-परिहास के आंसू
उदासी के आंसू
घड़ियाली आंसू
महंगाई के आंसू
ईर्ष्या के आंसू
प्याज के आंसू
आंखों की मैल धोने वाले आंसू
किसी की याद में निकलने वाले आंसू 
खारे आंसू 
चतुर-चालाक चोर आंसू
शिकायत वाले आंसू
इनायत वाले आंसू
पर 
नहीं देखे-सुने-भोगे हैं
गठबंधन के आंसू
आज वो भी देख लिए
आंखों में आंसू भर बोले 
कर्नाटक के सीएम कुमारस्वामी
बहुत रुलाते हैं
गठबंधन के आंसू
विषपान कराते हैं
गठबंधन के आंसू
खुशी नहीं मनाने देते हैं
गठबंधन के आंसू
सरकार नहीं चलाने देते
गठबंधन के आंसू
सीएम की कुर्सी 
छोड़ने को उकसाते हैं
गठबंधन के आंसू
जाने कैसे-कैसे सितम ढाते हैं
गठबंधन के आंसू
कहो कैसे रोकूं
गठबंधन के आंसू? 
कहो कैसे रोकूं
गठबंधन के आंसू?
कहो कैसे रोकूं
गठबंधन के आंसू?

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।