कम्प्यूटर के कीबोर्ड में F1-F12 कीज़

हमारे घर में मेरे अलावा छोटे-बड़े सभी कम्प्यूटर-विशेषज्ञ हैं. मैं कम्प्यूटर में जीरो इसलिए रह गई, कि न तो मैंने कोई कम्प्यूटर-कोर्स किया और न ही अंकण-टंकण का. इसलिए कम्प्यूटर की अनेक विशेषताओं को जानने से महरूम रह गई. अंकण-टंकण के बारे में तो हमारे विशेषज्ञ पाठक कामेंट्स में आपको बताएंगे. हमारी इस कमी को कम्प्यूटर के कीबोर्ड में F1-F12 कीज़ का मतलब बताकर बच्चों ने पूरा कर दिया. इस शिक्षा की शुरुआत कैसे हुई?

हुआ यह कि मैं फेसबुक पर कुछ काम कर रही थी. अचानक न जाने कौन-सा बटन प्रेस हो गया कि फेसबुक का रंगरूप बिगड़ गया. मुझे लगा कि यह तो बहुत बड़ी गड़बड़ हो गई. इतने में हमारे वुड बी डॉक्टर दोहते जी सामने आ गए. हमने उनके सामने अपनी समस्या रखी. डॉक्टर साहब ने F12 की को दबाया और फेसबुक का इलाज हो गया. तब से अब तक यही नुस्खा अपनाना हमने भी सीख लिया.

इसी तरह एक बार ब्लॉग पर कामेंट करते हुए कुछ गलत-सा हो गया और उसका रंगरूप बिगड़ गया. फिर मुझे लगा कि यह तो बहुत बड़ी गड़बड़ हो गई. इतने में हमारे बड़े पोते आरोह जी सामने आ गए. हमने उनके सामने अपनी समस्या रखी. पोते साहब ने F11 की को दबाया और सब कुछ वैसा का वैसा हो गया. ये कीज़ तो बड़ी जादुई निकलीं. आज इन्हीं जादुई कीज़ के बारे में बात करते हैं.

हर कम्प्यूटर के कीबोर्ड की दूसरी लाइन में F1 से F12 तक की होती हैं. क्या आप जानते हैं इनका उपयोग? अगर नहीं जानते हैं तो आइए, पढ़ें और सीखें-
F1: कम्प्यूटर को ऑन करते समय इस की को प्रेस करने पर आप कम्प्यूटर सेटअप में पहुंच जाएंगे. यहां से सेटिंग्स को चेक और चेंज किया जा सकता है.
F2: विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम में किसी फाइल को रीनेम करने के लिए इस की का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में इस की को प्रेस करने पर आप उस फाइल का प्रिंट प्रिव्यू देख सकते हैं.
F3: विंडोज में इस की का इस्तेमाल करके सर्च बॉक्स खोला जाता है, जिससे किसी भी फाइल या फोल्डर को सर्च किया जा सकता है. इसके अलावा MS-DOS में इस को प्रेस करने पर पहले टाइप की गई कमांड दोबारा टाइप हो जाती है.
F4: माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में इस की को प्रेस करने पर पिछला काम रिपीट हो जाता है, जैसे- जो शब्द पहले टाइप किया था वह फिर से हो जाएगा,जो शब्द बोल्ड किया है वह फिर से हो जाएगा आदि.
F5: सबसे ज्यादा इस की का इस्तेमाल रिफ्रेश करने के लिए होता है. इसके अलावा पावरपॉइंट में इसे प्रेस करने से स्लाइड शो शुरू हो जाता है.
F6: इसको प्रेस करने से विंडोज में खुले फोल्डर्स के कंटेंट दिखने लगते हैं. इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में खुले कई सारे डॉक्युमेंट्स को एक-एक करके देखने के लिए Control+Shift+F6 का इस्तेमाल किया जाता है.
F7: माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में अगर इस की को प्रेस करने के बाद कुछ भी टाइप करेंगे तो उस शब्द की स्पेलिंग चेक होने लगेगी.
F8: माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में हम टेक्स्ट को सिलेक्ट करने के लिए इस की का इस्तेमाल किया जाता है.
F9: माइक्रोसॉफ्ट आउटलुक में ई-मेल भेजने या रिसीव करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. कई नए लैपटॉप में इसकी मदद से स्क्रीन की ब्राइटनेस को भी कंट्रोल किया जा सकता है.
F10: किसी भी सॉफ्टवेयर में काम करते हुए इस की को दबाते ही मेन्यू खुल जाता है. इसके अलावा Shift के साथ F10 प्रेस करने पर यह माउस के राइट क्लिक का काम करता है.
F11: इंटरनेट ब्राउजर्स (इंटरनेट एक्सप्लोरर, क्रोम) में फुल स्क्रीन व्यू करने के लिए इस की का इस्तेमाल किया जाता है.

F12: माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में इस की प्रेस करने से Savs As का ऑप्शन खुल जाता है. Shift के साथ F12 प्रेस करने पर माइक्रोसॉफ्ट फाइल सेव हो जाती है.

आप सब तो इन जादुई कीज़ के बारे में पहले से ही सब कुछ विस्तार से जानते होंगे, लेकिन ऊपर जैसे दो नुस्खे हमने आपको बताए, वैसे कुछ नई जानकारी वाले नुस्खे आपके पास भी हों तो कामेंट्स में हमारे साथ अवश्य साझा कीजिएगा. हर तरह की नई जानकारी का हार्दिक स्वागत है.

अंकण-टंकण के बारे में तो हमारे विशेषज्ञ पाठक सुदर्शन खन्ना की विशेष राय-
आदरणीय दीदी, सादर प्रणाम. महत्वपूर्ण शार्ट कट्स बताने के लिए धन्यवाद. अब जब बात कंप्यूटर और कीबोर्ड की चल ही पड़ी है तो यह जानना ज़रूरी है कि कीबोर्ड को चलाते समय हाथों की ग़लत स्थिति से कॉर्पोरल टनल सिंड्रोम जैसी भयंकर समस्या का सामना करना पड़ सकता है विशेषकर लैपटॉप का प्रयोग करते समय. डेस्कटॉप पर काम करते समय आपके डेस्क की ऊंचाई ३० इंच और स्टूल या कुर्सी की ऊंचाई १८ इंच होनी चाहिए। कीबोर्ड के नीचे ऐसी व्यवस्था होती है जिससे कीबोर्ड को आगे से ऊपर उठाया जा सकता है इसका प्रयोग करें, कीबोर्ड एकदम समानांतर नहीं होना चाहिए। अगर आप टंकण यानी टाइपिंग में बिना कीबोर्ड पर देखे सभी उँगलियों का प्रयोग करते हैं तो बहुत बेहतर, अगर नहीं तो धीरे धीरे यह सीख लें, एक दो उँगलियों से टाइप करने से मानसिक तनाव बढ़ता है और हमेशा आपको कीबोर्ड पर देखते रहना पड़ता है, फिर रुक कर आप स्क्रीन पर चेक करते हैं, इसमें समय बर्बाद होता है. जब भी उँगलियों का इस्तेमाल करें तो आपकी हथेलियां कीबोर्ड से लगभग २ इंच ऊपर होनी चाहियें और जब एक ऊँगली टाइप कर रही हो तो बाकी उँगलियाँ हवा में रहनी चाहियें. स्पेस बार सिर्फ दाहिने हाथ के अंगूठे से इस्तेमाल करना चाहिए. लैपटॉप पर काम करते समय लैपटॉप को स्क्रीन की तरफ से थोड़ा ऊपर उठा देना चाहिए यानि कीबोर्ड कोणीय स्थिति में आ जाए. इसमें भी टाइपिंग करते समय उपरोक्त नियमों का पालन करना चाहिए. बेड पर बैठ कर लैपटॉप को इस्तेमाल करते समय उसे बेड पर न रखें बल्कि छोटी सी टेबल लेकर ऊँचा करके रखें. गोदी में या बेड पर रख कर इस्तेमाल करने से रीढ़ की हड्डी और गर्दन के जोड़ पर बुरा प्रभाव पड़ता है और स्पोंडिलिटिस जैसे तकलीफ हो जाती है. आँखों पर भी तनाव पड़ता है. लैपटॉप प्रयोग करते समय अक्सर हम हथेलियां कीबोर्ड पर टिका कर उँगलियों को प्रयोग करते हैं जो बहुत ही खतरनाक है. यह बिलकुल नहीं होना चाहिए. कंप्यूटर या लैपटॉप या मोबाइल पर काम करते समय पलकें झपकते रहना चाहिए नहीं तो आँखों में ड्राईनेस आ जाती है. आशा है यह जानकारी महत्वपूर्ण सिद्ध होगी. कीबोर्ड के इस्तेमाल सम्बन्धी यदि कोई जानकारी चाहिए तो संपर्क कर सकते हैं. मेरा ईमेल है-Mudrakala@gmail.com

 

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परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।