लेखस्वास्थ्य

योग जरूरी, धनतेरस नहीं !

महर्षि धन्वंतरि के जन्म-जयंती पर सोने-चाँदी वाले द्रव्य की खरीदारी गलत है, क्योंकि  ‘स्वास्थ्य ही धन है’ पंचलाइन के परम उपासक महर्षि धन्वंतरि ने जड़ी-बूटी से इलाज करने की पद्धति को बढ़ावा दिया । कहा जाता है, वे देवताओं के वैद्यराज व कविराज थे! आज लोग स्वास्थ्य नामक धन को छोड़कर सोना, चाँदी आदि धन के पीछे भागकर अपनी सुख-समृद्धि को उसी में ढूढ़ रहे हैं, जो महर्षि धन्वंतरि के संदेशों के विरुद्ध हैं। इतना ही नहीं, ‘धन्वंतरि’ नाम का अपभ्रंश कर ‘धनतेरस’ नाम रख आभूषणों, द्रव्यों को खरीदने में आज की स्थिति में लोग दिन-रात मशगूल हैं, रहेंगे ! जबकि इस दिन तो महर्षि धन्वंतरि को याद कर अपने स्वास्थ्य के प्रति शत-प्रतिशत योगदान देने चाहिए । आस्था के नाम पर ‘धनतेरस’ नामक बिजनेस से आपका स्वास्थ्य तो जाएगा ही! अगर खरीदारी करनी ही है तो ‘स्वास्थ्य’ नामक धन को खरीदिये। लक्ष्मी तब ही प्रसन्न होगी, जब आप निरोग रहेंगे ! महर्षि धन्वंतरि ‘आयुर्वेद’ के जनक थे।

डॉ. सदानंद पॉल

एम.ए. (त्रय), नेट उत्तीर्ण (यूजीसी), जे.आर.एफ. (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार), विद्यावाचस्पति (विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ, भागलपुर), अमेरिकन मैथमेटिकल सोसाइटी के प्रशंसित पत्र प्राप्तकर्त्ता. गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स इत्यादि में वर्ल्ड/नेशनल 300+ रिकॉर्ड्स दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 12,000+ रचनाएँ और संपादक के नाम पत्र प्रकाशित. गणित पहेली- सदानंदकु सुडोकु, अटकू, KP10, अभाज्य संख्याओं के सटीक सूत्र इत्यादि के अन्वेषक, भारत के सबसे युवा समाचार पत्र संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में अर्हताधारक, पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.