लघुकथा

सिन्हा सर

मेरे प्यारे सिन्हा सर !
अंग्रेजी में रोमांटिक बातों के प्रवक्ता !

रोमांटिक में वे ‘रोमांच’ पैदा करते अक्सर ही नज़र आते ! उनसे यह सब सीखने का मुझे भी दीदार हुआ। यह इत्तेफ़ाक़न नहीं था, अपितु प्रायोजित था । ये सिन्हाई लोगों का भारत से ‘ब्रिटेन’ जाने का पुराना रिवाज़ रहा है।
अंग्रेजी में कमजोर छात्र उनके मज़ाक के केंद्रबिंदु में होते ! तभी तो वह उनलोगों से काफी frank बातें करते थे, जिनकी अंग्रेजी ज्ञान इत्तेफ़ाक़न नहीं, मज़बूतन लिए होती ! जिनकी जान अंग्रेजी में बसती हैं, उन्हें वे जी-जान से मानते थे और बाकी स्टूडेंट्स उनके टॉर्चर क्लास में इस तरह टॉर्चर झेलते कि छात्र पैंट में ही सू-सू कर दें !
उनका ही कहना था– ‘कॉलेज गए, तो नॉलेज भए !’

परिचय - डॉ. सदानंद पॉल

तीन विषयों में एम.ए., नेट उत्तीर्ण, जे.आर.एफ. (MoC), मानद डॉक्टरेट. 'वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' लिए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर सहित सर्वाधिक 300+ रिकॉर्ड्स हेतु नाम दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 10,000+ रचनाएँ और पत्र प्रकाशित. भारत के सबसे युवा संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में क्वालीफाई. पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.

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