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रोड शो- 22 : बातें रोमांचक जानकारियों की

आज बातें रोमांचक जानकारियों की करते हैं.

पहले कुछ बातें कोरोना की-
भारत में यूके वाला कोविड स्‍ट्रेन कितना फैला? जीनोम सीक्‍वेंसिंग से पता लगाएगी सरकार
यूके में मिले नए कोविड स्‍ट्रेन का भारत में कितना प्रसार हुआ है, यह पता लगाने के लिए जीनोम सीक्‍वेंसिंग का इस्‍तेमाल होगा। कोविड-19 पर बनी नैशनल टास्‍फ फोर्स ने इसका सुझाव दिया है। ‘प्रॉस्‍पेक्टिव सर्विलांस’ के तहत, सभी राज्‍यों के पॉजिटिव केसेज में से 5% का होल जीनोम सीक्‍वेंसिंग टेस्‍ट किया जाएगा। इसके लिए नैशनल सेंटल फॉर डिलीज कंट्रोल के तहत एक जीनोम सर्विलांस कंसोर्टियम, INSACOG बनाया गया है। यह SARS-CoV-2 के फैल रहे स्‍ट्रेन्‍स के सर्विलांस के लिए काम करेगा। टास्‍क फोर्स ने कहा कि SARS-CoV-2 का जीनोम सर्विलांस करना जरूरी है।

मॉडर्ना की वैक्‍सीन को झटका, गंभीर रिएक्‍शन का पहला मामला
कोरोना वायरस से जंग में कारगर पाई गई अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन के गंभीर र‍िएक्‍शन का पहला मामला सामने आया है। अमेरिका के बोस्‍टन शहर में कैंसर के डॉक्‍टर हुसैन सद्रजादेह को गंभीर र‍िएक्‍शन का सामना करना पड़ा है। डॉक्‍टर हुसैन को एलर्जी थी और वैक्‍सीन लगवाने के बाद उनके शरीर में गंभीर रिएक्‍शन हुआ है। आपको बता दें कि 5 दिन पहले ही अमेरिका में मॉडर्ना की कोरोना वायरस वैक्‍सीन को मंजूरी मिली है।

कोरोना पर सरकार ने कहा- देश ने कर दिखाया, नया स्ट्रेन को लेकर दूर की यह चिंता
दक्षिण अफ्रीका और यूके वाले वेरियंट्स पर भी असर करेगी वैक्सीन

ताबड़तोड़ मीटिंग्‍स, 20 हजार से ज्‍यादा की ट्रेनिंग पूरी, जानें आपको कोरोना वैक्‍सीन देने के लिए कैसे तैयार हो रही सरकार

देसी कोरोना वैक्‍सीन Covaxin की बड़ी छलांग, दुनिया के सबसे मशहूर जर्नल में छपेगा डेटा

Covid-19: जरूरी नहीं बॉडी का टेंपरेचर चेक करने वाला इंफ्रारेड थर्मामीटर दिखाए सही रीडिंग, हो सकती हैं ये गड़बड़ियां

कोरोना वायरस का असर? अमेरिका में 120 साल में सबसे कम बढ़ी आबादी

अमेरिका के जनगणना ब्‍यूरो ने बताया है कि वर्ष 2019 से 2020 के बीच आबादी में पिछले 120 वर्षों में सबसे कम वृद्धि हुई है। अमेरिका के जनसांख्यिकी विशेषज्ञों का कहना है कि यह देश में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्‍या को दर्शाता है। पिछले कई वर्षों से अमेरिका में जनसंख्‍या की वृद्धिदर लगभग स्थिर बनी हुई है। इसकी वजह सख्‍त आव्रजन प्रतिबंध और बच्‍चों की जन्‍मदर कम होना है।

रोमांचक जानकारियों से पहले पिछले अंक के कामेंट्स से अनेक अद्भुत और रोचक जानकारियां-
दुनिया की सबसे कम चली शादी. कुवैत में एक दुल्हन ने शादी के महज तीन मिनट के बाद अपने पति को तलाक दे दिया। एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक इस शादी को दुनिया की सबसे छोटी शादी माना जा रहा है, खबरों के मुताबिक ये जोड़ा शादी करने के लिए कोर्ट पहुंचा था। दोनों ने बेहद हंसी-खुशी के साथ शादी के बाद जज के सामने रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए। लेकिन चंद सेकेंड में एक ऐसी घटना घटी कि बात तलाक तक पहुंच गई।दरअसल मैरिज रजिस्टर पर साइन करने के थोड़ी देर बाद ही कोर्ट रूम से बाहर जाते वक्त दुल्हन फिसलकर गिर गई। इस दौरान लड़के ने उसकी मदद करने की बजाए उसे बेवकूफ कह दिया। लड़के के इस बर्ताव पर लड़की इतना आग बबूला हो गई कि उसने फौरन वहीं तलाक लेने का फैसला कर लिया। लड़की ने फौरन जज से शादी को वहीं की वहीं रफा-दफा कर रद्द करने के लिए कहा। लड़की ने अपना फैसला नहीं बदला और जज को शादी रद्द करनी पड़ी। ये शादी सिर्फ तीन मिनट ही टिक सकी इसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। ज्यादातर लोग दुल्हन के पक्ष में अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा, ‘बिना सम्मान के कोई शादी बेकार है, लड़की ने सही फैसला लिया।’ एक महिला ने लिखा, ‘अगर शुरूआत में ही उसका रवैया ऐसा है, तो उसे छोड़ देना ही बेहतर था।’
-रविंदर सूदन

राजस्थान का एक भी जिला मुगलों के नाम पर नहीं हैं और शेष भारत में ढेरों जिले हैं जो मुगलों के नाम पर हैं….!!राजस्थान के 33 जिले हैं जिनके नाम हैं…01) गंगानगर02) बीकानेर03) जैसलमेर04) बाडमेर05) जालोर06) सिरोही07) उदयपुर08) डूंगरपुर09) बांसवाड़ा10) प्रतापगढ़11) चित्तौड़गढ़12) झालावाड़13) कोटा14) बारां15) सवाईमाधोपुर16) करौली17) धौलपुर18) भरतपुर19) अलवर20) जयपुर21) सीकर22) झुंझुनू23) चूरु24) भीलवाड़ा25) हनुमानगढ़26) नागौर27) जोधपुर28) पाली29) अजमेर30) बूंदी31) राजसमंद32) टोंक33) दौसा.!!
-सुदर्शन खन्ना

कृपया इन नामों पर ध्यान दीजिए, नाम से ही पता चलता है कि राजपूतों ने क्या और कैसे किया…..अब जिलों का परिचय:-अजमेर :- अजमेर 27 मार्च 1112 में चौहान राजपूत वंश के तेइसवें शासक अजयराज चौहान ने बसाया…!!बीकानेर :- बीकानेर का पुराना नाम जांगल देशराव बीका जी राठौड़ के नाम से बीकानेर पड़ा.!!गंगानगर :- महाराजा गंगा सिंह जी से गंगानगर पड़ा.!!जैसलमेर :- जैसलमेरमहारावल जैसलजी भाटी ने बसाया.!!उदयपुर :- महाराणा उदय सिंह सिसोदिया जी ने बसाया उनके नाम से उदयपुर पड़ा..!!बाड़मेर :- बाड़मेर को राव बहाड़ जी ने बसाया.!!जालौर :- जालौर की नींव 10वी शताब्दी में परमार राजपूतों के द्वारा रखी गई! बाद में चौहान राठौड़, सोलंकी आदि राजवंशो ने शासन किया..!!सिरोही :- राव सोभा जी के पुत्र शेशथमल ने सिरानवा हिल्स की पश्चिमी ढलान पर वर्तमान शहर सिरोही की स्थापना की थी उन्होंने वर्ष 1425 ईसवी में वैशाख के दूसरे दिन द्वितिया पर सिरोही किले की नींव रखी..!!डूंगरपुर :- वागड़ के राजा डूंगरसिंह ने ई.1358 में डूंगरपुर नगर की स्थापना की! बाबर के समय में उदयसिंह वागड़ का राजा था जिसने मेवाड़ के महाराणा के संग्रामसिंह के साथ मिलकर खानुआ के मैदान में बाबर का मार्ग रोका था..!!प्रतापगढ़ :- प्रताप सिंह महारावत ने बसाया..!!चित्तौड़:- स्वाभिमान शौर्य त्याग वीरता राजपुताना की शान! चित्तौड़ सिसोदिया गहलोत वंश ने बहुत शासन किया ! बप्पा रावल महाराणा प्रताप सिंह जी यहाँ षासन किया..!!* हनुमानगढ़ :- भटनेर दुर्ग 285 ईसा में भाटी वंश के राजा भूपत सिंह भाटी ने बनवाया इस लिए इसे भटनेर कहाँ जाता हैं! मंगलवार को दुर्ग की स्थापना होने कारण हनुमान जी के नाम पर हनुमानगढ़ कहाँ जाता हैं..!!* जोधपुर :- राव जोधा ने 12 मई 1459 ई. में आधुनिक जोधपुर शहर की स्थापना की.!!* राजसमंद :- शहर और जिले का नाम मेवाड़ के राणा राज सिंह द्वारा 17 वीं सदी में निर्मित एक कृत्रिम झील! राजसमन्द झील के नाम से लिया गया हैं..!!* बूंदी :- इतिहास के जानकारों के अनुसार 24 जून 1242 में हाड़ा वंश के राव देवा ने इसे मीणा सरदारों से जीता और बूंदी राज्य की स्थापना कीकहा जाता हैं कि बून्दा मीणा ने बूंदी की स्थापना की थी तभी से इसका नाम बूंदी हो गया..!!* सीकर :- सीकर जिले को वीरभान ने बसाया ओर वीरभान का बास सीकर का पुराना नाम दिया.!!* पाली :- महाराणा प्रताप की जन्मस्थली एवं महाराणा उदयसिंह का ससुराल हैं पाली मूलतया पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा बसाया गया हैं.!!* भीलवाड़ा :- किवदंती हैं कि इस शहर का नाम यहां की स्‍थानीय जनजाति भील के नाम पर पड़ता हैं! जिन्‍होंने 16वीं शताब्‍दी में अकबर के खिलाफ मेवाड़ के राजा महाराणा प्रताप की मदद की थी! तभी से इस जगह का नाम भीलवाड़ा पड़ गया..!!* करौली :- इसकी स्‍थापना 955 ई. के आसपास राजा विजय पाल ने की थी जिनके बारे में कहाँ जाता हैं कि वे भगवान कृष्‍ण के वंशज थे.!!* सवाई माधोपुर :- राजा माधोसिंह ने ही शहर बसाया और इसका नाम सवाई माधोपुर दिया..!!* जयपुर :-जयपुर शहर की स्थापना सवाई जयसिंह ने 1727 में की सवाई प्रताप सिंह से लेकर सवाई मान सिंह द्वितीय तक कई राजाओं ने शहर को बसाया..!!* नागौर :- नागौर दुर्ग भारत के प्राचीन क्षत्रियों द्वारा बनाये गये दुर्गों में से एक हैं! माना जाता हैं कि इस दुर्ग के मूल निर्माता नाग क्षत्रिय थे! नाग जाति महाभारत काल से भी कई हजार साल पुरानी थी! यह आर्यों की ही एक शाखा थी तथा ईक्ष्वाकु वंश से किसी समय अलग हुई..!
-सुदर्शन खन्ना

* धौलपुर :- मूल रूप से यह नगर ग्याहरवीं शताब्दी में राजा धोलन देव ने बसाया था! पहले इसका नाम धवलपुर थाअपभ्रंश होकर इसका नाम धौलपुर में बदल गया..!!* झालावाड़ :- झालावाड़ गढ़ भवन का निर्माण राज्य के प्रथम नरेश महाराजराणा मदन सिंह झाला ने सन 1840 में करवाया था..!!* दौसा :- बड़गूजरों द्वारा करवाया गया था! बाद में कछवाहा शासकों ने इसका निर्माण करवाया..!!
-सुदर्शन खन्ना

पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में की झारखंड के हीरामन कोरवा के इस कदम की तारीफ, जानिए क्या है मामला
विलुप्त हो रहे आदिम जनजाति कोरवा भाषा के संरक्षण की सराहना
हीरामन कोरवा ने कोरवा भाषा शब्दकोश को लिपिबद्ध (Korwa Language) किया है। जिससे एक विलुप्त होती भाषा को भविष्य में भी संरक्षित रखा जा सके।
हीरामन ने 12 साल के परिश्रम से कोरवा भाषा शब्दकोश को किया लिपिबद्ध

 

96 किलो गेहूं और नमक से उकेरी अटल जी की अद्भुत तस्वीर, नहीं देखा होगा ऐसा जबरा फैन!
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के 96वें जन्मदिन पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। इस दौरान पुणे में कला तीर्थ संगीत चित्रकला विद्यालय ने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की गेहूं और नमक की कलाकृति बनाई।
पुणे के सदाशिव पेठ स्थित कला तीर्थ संगीत चित्रकला के कलाकारों ने पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी आकृति बनाई। इसके लिए 96 किलो गेहूं और नमक का इस्तेमाल किया गया।

 

‘वंदे मातरम’ को दूसरा मिला स्थान
एआर रहमान के गानों की 200 करोड़ से भी अधिक रिकॉर्डिग बिक चुकी है। वह विश्व के 10 सर्वश्रेष्ठ संगीतकारों में शुमार किए जाते हैं। देश की अजादी के 50वीं सालगिरह पर 1997 में बनाया गया उनका अलबम ‘वंदे मातरम’ बेहद कामयाब रहा। साल 2002 में जब बीबीसी वर्ल्ड सर्विस ने 7000 गानों में से अब तक के 10 सबसे मशहूर गानों को चुनने का सर्वेक्षण कराया तो ‘वंदे मातरम’ को दूसरा स्थान मिला। सबसे ज्यादा भाषाओं में इस गाने पर प्रस्तुति दिए जाने के कारण इसके नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज है।

 

80 वर्षिय बुजुर्ग के पास हैं 80 पोर्श कारें, कंपनी वाले भी फैन हो गए

चांद पर परमाणु रिएक्‍टर लगाने जा रहा अमेरिका, धरती पर बनेगा, वहां जाकर खुद फिट हो जाएगा

खुद को जोखिम में डाल रोका बड़ा हादसा, लोग बोले- आप पर हमें गर्व है!

शेर ने किया हिरण पर हमला, पर हिरण बड़ा ही चालू निकला!

11वीं के छात्र का कमाल, देशी जुगाड़ से बनाई पानी पर चलने वाली साइकिल

अजब-गजब, महीनों सोए रहते हैं इस गांव के लोग, विज्ञान भी हैरान है

बंदे के साथ एक ही बिस्तर पर सोए 3 चीते, लोग बोले-बाप रे

झारखंड: पानी भरने जाना पड़ता था दूर, मजदूर पति ने खोदा 25 फुट गहरा कुआं

चार साल तक कुआं खोदता रहा, जिससे कि गांव को मिल सके पानी

662Ft गहरे पानी में सांस रोक कर तैरा, बना दिया वर्ल्ड रिकॉर्ड

बहन को बचाने के लिए 7 वर्षीय भाई जलते हुए घर में घुसा, और फिर

Ind Won Boxing Day Test: जीत के बाद बोले हेड कोच रवि शास्त्री, कोहली के बिल्कुल उलट हैं अजिंक्य रहाणे

टायर में हवा भरने वाले हर शख्स को ये वीडियो जरूर देखना चाहिए

Driverless Metro: दिल्ली में चल पड़ी बिना ड्राइवर की मेट्रो, जानिए यह करिश्मा होता कैसे है

दिल्ली में चल पड़ी ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेन, पीएम मोदी ने किया उद्घाटन
जनकपुरी वेस्ट से बॉटनिकल गार्डन के बीच चलेगी यह मेट्रो
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी इस अवसर पर थे मौजूद

 

पीएम मोदी ने कहा.. छोटे शहरों में चलेगी नियो मेट्रो, आम मेट्रो से कैसे अलग होती है यह

केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने पिछले महीने की शुरूआत में नियो मेट्रो लांच किया था। यह देश के उन शहरों के लिए लाया गया है जहां पर 20 लाख तक की आबादी है। रबड़ टायर पर चलने वाली तीन कोच वाली इस मेट्रो की लागत परंपरागत मेट्रो के निर्माण लागत से 40 फीसदी तक कम है। इसमें स्टेशन परिसर के लिए बड़े जगह की जरूरत नहीं होती है। यह सड़क के सरफेस या एलिवेटेड कॉरीडोर पर चल सकती है। हर कोच में 200 से 300 लोग सफर कर सकते हैं। इसे चलाने की लागत भी परंपरागत मेट्रो से कम है।

हाथियों के लिए ऐसा प्यार, नाम की 5 करोड़ की प्रॉपर्टी
बिहार की राजधानी पटना में रहने वाले अख्तर इमाम नाम के शख्स हाथी प्रेम की ऐसी मिसाल पेश की है जो विरले ही देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी प्रॉपर्टी का आधा हिस्सा अपने दो हाथियों के नाम कर दिया है, जिसकी कीमत करीब 5 करोड़ रुपए है।

12 साल की बच्ची ने 3 मजदूरों को जहाज से भेजा घर, डोनेट की सारी सेविंग्स

2000 किलोमीटर की यात्रा कर बेंगलुरु से गोंडा पहुंचा मजदूर, घर के पास खेत में सांप काटने से मौत
बेंगलुरु से गोंडा तक 2000 किमी की यात्रा पैदल करने वाले एक मजदूर की सांप काटने से मौत हो गई। सलमान परिवार के लिए रोजी-रोटी का इंतजाम करने के लिए दिसंबर महीने में गोंडा से बेंगलुरु गया था।

कुकनूस का परिचय-
कुकनूस (फ़ीनिक्स) वास्तव में एक पक्षी है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह पक्षी अपनी संगीत-साधना में जाने कितने सालों तक जीता है और गाता रहता है। और अन्त में वह ‘राग दीपक’ जैसा कुछ गाते हुए, उसी के प्रभाव से उत्पन्न अग्नि में जलकर राख हो जाता है। तत्पश्चात बदलते मौसम में वर्षा की पहली बूँदें पड़ते ही वह अपनी राख से फि़र जीवित हो उठता है और फिर से अपनी संगीत-साधना में जुट जाता है।

टारगेट पूरा करने के लिए इस करेंसी प्रेस में लगातार हो रही नोटों की छपाई, रविवार को भी छुट्टी नहीं!

कश्मीर की पहली महिला बस ड्राइवर जिनकी कहानी हर किसी को जाननी चाहिए

इटली के पोम्पेई शहर में मिली 2000 साल पुरानी खाने की खूबसूरत दुकान, जानें मेन्‍यू में क्‍या था———–
इटली के प्राचीन शहर पोम्‍पेई में पुरातत्‍वविदों को 2000 साल पुरानी खाने की दुकान मिली है
पोम्‍पेई शहर सन 79 में ज्‍वालामुखी में विस्‍फोट के बाद राख के ढेर के नीचे दब गया था
अब इतने साल बाद पुरातत्‍वविदों को गर्मागर्म खाने और ड्रिक्‍स की एक दुकान मिली है
दुकान में मिले खाने के अवशेषों में सूअर, मछली, घोंघा और गाय के मांस के अवशेष मिले हैं।

बातें रोमांचक जानकारियों की और भी बहुत-सी हैं, आज बस इतना ही. शेष बातें फिर कभी.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।

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  1. घूमने वाली सीटें और शीशे की छत, रेलवे ला रहा है टूरिज्म के लिए ये खास कोच!

    भारतीय रेलवे हर गुजरते दिन के साथ एक नया रेकॉर्ड बना रहा है। इसी बीच रेल मंत्री पियूष गोयल ने कहा है कि भारतीय रेलवे ने नए डिजाइन वाले विस्टाडम टूरिस्ट कोच का 180 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पर ट्रायल पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा है कि ये कोच यात्रियों की यात्रा को यादगार बना देंगे और साथ ही टूरिज्म को बढ़ावा देने का काम करेंगे।

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