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  • कहानी – टीस

    कहानी – टीस

    जैसे-2 उपन्यास अपने चरम पर पहुंचता जा रहा था दिव्या लेखक के भावों में डूब उतरा रही थी।वह उपन्यास के पात्रों के साथ रो रही थी,हँस रही थी। कहानी की समाप्ति के साथ नायिका के आँसू...

  • कहानी –  अंततः

    कहानी – अंततः

    मृणाल जल्दी- जल्दी काम निबटा रही थी। बेटी के खराब स्वास्थ्य को देखकर उसका मन बहुत अशांत था। अवनि की छुट्टियाँ समाप्त हो रही थीं चार दिन बाद उसे वापस पुणे लौटना था। वहाँ चली जाएगी...




  • लघुकथा : सुख

    लघुकथा : सुख

    ” ऐसे मायूस क्यूँ नज़र आ रहे हो हेमन्त ?” ” कुछ नहीं संजय-सोच रहा हूँ की आखिर सुख की परिभाषा क्या है ” ” तो क्या निष्कर्ष निकाला ?” ” तू तो सब जानता है...

  • लघुकथा : बिडम्बना

    लघुकथा : बिडम्बना

    बाल श्रम उन्मूलन सप्ताह की कवरेज करके सहकर्मी राकेश के संग लौट रहा सुमित उमंग और जोश से लबरेज़ था। ” सरकार के इस कदम की जितनी प्रशंसा की जाए कम है । कम से कम...

  • लघुकथा : पगलिया

    लघुकथा : पगलिया

    हाथ से अधिक तेज  उसकी जुबान चल रही थी  । उधर अमित का गुस्सा बढ़ता जा रहा था उसकी बकझक से । जिया ने आग्नेय दृष्टि से उसे घूरा फिर पौधों को पानी देने लॉन में...