कविता

इस काल खण्ड में

  सदी के इस काल खण्ड में पूछा जाना चाहिए कि क्यों लौट रहे हैं वे जो आये थे दो जून की रोटी के लिए और साथ ही यह भी कि बनाये जा रहे हैं मोहरे वो अभागे किसलिए ? जिनकी दुनिया महज पेट तक है ! जब पल-पल बदल रहा है मौत का आंकड़ा […]

कथा साहित्य लघुकथा

लघुकथा : गुड्डे को सॉरी बोलो

ऑफिस से लौटकर और हाथ – मुहं धोकर जैसे ही नरेन चाय पीने बैठा तो उसने देखा कि पास ही 3 साल की बिटिया शिवन्या अपने खिलौने से खेलने में व्यस्त थी l हमेशा की तरह उसने रिमोट पर अपना हक जमाया हुआ था l नरेन के टीवी का रिमोट मांगने पर नन्ही शिवन्या ने […]

कविता

कविता : कबाड़ उठाती लड़कियाँ

पाचं – छः जन के समूह में जा रही हैं वे लड़कियाँ राष्ट्रिय राजमार्ग के एक ओर रंग बिरंगे, पुराने से कपड़े पहने जो कि धुले होंगे महीनों पहले उनके किसी त्यौहार पर l   पावों में अलग – अलग चप्पल पहने दिख जाती हैं पैरों की बिबाइयां सहज ही उन के हाथों में हैं […]

कविता

कविता : चूल्हे की रोटियाँ

सुदूर गाँव से जब आता है फ़ोन किसी आत्मीय का बातों ही बातों में जिक्र होता है ठण्ड के मौसम में तपते हुए चूल्हे के ताप का l   और साथ ही तवे से उतरती उन अधपक्की रोटियों का भी जो रख दी जाती हैं सुलगते अंगारों पर पकने के लिए ताकि उनमें भर सके […]

कहानी

कहानी : ब्लड कैंसर

मोबाइल की रिंग बजते ही आँखें मूंद कर लेटे, अभय की तन्द्रा टूटी l वह कुछ समय पहले ही ऑफिस से लौटा था l हेल्लो अभय …..’सुना तुमने आशीष चंडीगढ़ के एक हॉस्पिटल में एडमिट है, उसे ब्लड कैंसर  डिटेक्ट हुआ है l’ फ़ोन उठाते ही दुसरी ओर से एक परिचित मित्र एक सांस में […]

अन्य लेख लेख

लेख : आतंक का अड्डा बन चुका है पाकिस्तान

18 सितम्बर, 2016 रविवार की सुबह उड़ी सेक्टर में सेना के शिविर में हुए आतंकी हमले में हमारे 17 सैनिकों को मौके पर ही शहादत प्राप्त हो गई । 3 अन्य घायल सैनिकों के उपचार के दौरान  मृत्यु होने से शहादत का आंकड़ा 20 तक पहुँच गया है l घायल सैनिकों में से कई की […]

कथा साहित्य कहानी

कहानी : मेहनत का फल

प्राइवेट कंपनी की 12 घंटे की शिफ्ट में आदर्श रोबोट के माफिक बन गया था l मेंटेनेंस विभाग में इंजीनियर होने के कारण कई बार एक ही शिफ्ट में 18 घंटे तक भी काम करना पड़ता था l घर गए हुए कभी – 2 छः महीने से ज्यादा भी गुजर जाते थे l रह – […]

कविता

कविता : बेटी बीमार है !

बीमार है छः साल की बेटी अब नहीं कर रही है वह बातें पहले जैसी शरीर का तापमान सामान्य से कहीं अधिक है शिशु रोग चिकित्सक द्वारा लिखे टेस्ट करवाने के लिए प्रयोगशाला के बाहर खून की जांच का नमूना देने के लिए पंक्तिबध हुजूम माँ ने कर लिया है किनारा वह नहीं देख पायेगी […]

कविता

कविता : ब्याही बेटी

बर्षों पहले पास के गाँव में ब्याही बेटी रहती है फिक्रमंद आज भी बूढी माँ के लिए जबकि वह खुद भी बन चुकी है अब दादी और नानी l   अक्सर गुजरती मायके के साथ लगती सड़क से खिंची चली आती है आँगन में बैठी बूढी माँ के पास l   वह चुरा लेती है […]

लघुकथा

लघुकथा : अपने लोग

पढ़ाई पूरी करने पर विक्रम को जब कोई उचित रोजगार नहीं मिला तो उसने सब्जी मंडी के आढ़तियों के यहाँ अकाउंटेंट की नौकरी कर ली l महज 21 वर्ष की आयु में उसे दुनियादारी की इतनी समझ नहीं थी l अलग माहौल में वह असहज सा महसूस करता l एक दिन उसे जीप के साथ […]