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  • दीप माटी का बनूंगा

    दीप माटी का बनूंगा

    बुझने से पहले, अंधेरों तुमसे जी भर मै लड़ूंगा। दीप माटी का बनूंगा। दीप माटी का बनूंगा। पाँव के छाले हों चाहे, या झड़ी हो नीर की। तोड़ न पाएंगी कभी, तीव्रता भी पीर की। जितना...



  • हसरत न पालिये

    हसरत न पालिये

    जितना हो सके हाँ दूर ही से टालिये। इस बेजुबान दिल में हसरत न पालिये।। बैठा के उसको सामने करते रहे हिसाब, दिल में छुपाएं कितनी कितनी निकालिये। किराए की सांसें लिए बैठे हैं आप हम,...





  • ये सच अगर होता

    ये सच अगर होता

    ये सच अगर होता, की कुछ भी देखता नही।। पत्थर की आँखें धीरे से, वो पोंछता नही।। ज़ख्मों पे मरहम, दूर से रखता रहा है वो। कहता ज़रूर है, किसी से वास्ता नही।। उनसे मिले क्या,...