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  • भूल के….

    भूल के….

    रंगीं कागज़ के ये चंद टुकड़े कमाना भूल के। आ लगा लें दिल ज़रा दिल को जलाना भूल के।। मुझको कब परवाह थी दुनिया तेरे दस्तूर की। जी रहा हूँ देख ले ‘उसको भुलाना’ भूल के।।...


  • शायद अब करार आए…

    शायद अब करार आए…

    हर एक लम्हा लगा था यूँ कि शायद अब करार आए। इसी उम्मीद के सदके उमर सारी गुज़ार आए।। निभाया वादा शिद्दत से, कि हम जाने से पहले तक। तेरी दहलीज़ पर कितनी दफा जा कर...

  • मियां गधे जी

    मियां गधे जी

      बाँध गले में टाई, सिर पर सेहरा धर कर ऐंठे हैं। ब्याह रचाने मिंया गधे जी, मंडप में आ बैठे हैं। बाराती कुछ नाच रहे कुछ हैं खाने में जुटे हुए। यार दोस्त फ़ोटो खिंचवाने...



  • सच से वाकिफ था

    सच से वाकिफ था

    झुका के सिर, उम्र भर वो तो ख़िदमद में रहा।। सच से वाकिफ था हमेशा ही अपने कद में रहा।। क्यों शिकायत करूँ मैं खुद पे उसके कब्जे की। मुझमे बेहद रहा पर  फिर भी अपनी...


  • मम्मी जी

    मम्मी जी

    नाना जी की राजदुलारी, मेरी प्यारी मम्मी जी।। सभी ज़रूरत समय पे पूरी, करें हमारी मम्मी जी।। कॉपी बस्ता पेन पेंसिल इधर उधर मैं फैलाती। सही जगह पर चीजें रखो मम्मी जी ही समझाती। पढूं देर...