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  • थाली में चाँद

    थाली में चाँद

    थाली में चाँद… इंद्रधनुषी फूलों की सजावट और सुगंध हर और छाई थी। शर्मीले पुष्पों से बनी मालाएं वातावरण को मनमोहक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती थीं। बाहर के कमरे में ढोलक और गीतों...


  • मिंटी के दाँत

    मिंटी के दाँत

    बाल कथा मिंटी के दाँत… ‘माँ देखो न मेरे दाँत कितने चमकीले हैं … हैं न?’ ‘हाँ पर तुम्हे इनका ध्यान रखना चाहिए… नही तो आगे चल कर चीज़ें कुतरने में कठिनाई होगी…’ माँ ने प्यार...


  • ग़ज़ल – मैं क्यों नही बदला

    ग़ज़ल – मैं क्यों नही बदला

    बदलाव का है दौर मै क्यों नही बदला। है दूर तलक शोर मै क्यों नही बदला। जाहिद मुरीद और हबीब कुछ रकीबों ने। कितना लगाया ज़ोर मै क्यों नही बदला। हसरतें बेज़रियां लाचारियां हालात। देखें मेरी...



  • पहले पत्थर हुआ होगा

    पहले पत्थर हुआ होगा

    पहले पत्थर हुआ होगा… पहले पत्थर हुआ होगा, फिर तराशा गया होगा। उसी के बाद लोगों ने खुदा जैसा कहा होगा।। लोग कहते हैं किस्मत में शोहरतें भर के वो लाया, मैं सोचता हूँ बैठा कि...

  • प्लास्टिक का दानव

    प्लास्टिक का दानव

    बालकथा प्लास्टिक का दानव बबलू, मुन्नू, राजू, टिंकू, बबली, पिंकी, पप्पू, बंटू और बंटी सभी घर के पास मैदान में बैट बॉल खेल रहे थे। अचानक राजू ने बॉल को बहुत तेज़ मारा और बॉल हवा...