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  • दोहा गीत

    दोहा गीत

    जो विपदा में साथ दे, और हरे सब पीर। साथी सच्चा है वही, रहे सदा गंभीर।। बातें हितकर जो करें, और मधुर व्यवहार। उसे हितैषी जानिए, कहे प्रेम सुन यार। मिलने पर हर्षे सदा, होवे आत्म...

  • गीतिका

    गीतिका

    समांत-अना पदांत-पूनम की है रात मौसम बड़ा सुहावना, पूनम की है रात। जागी मन में भावना, पूनम की है रात। पिया गए परदेस को, मनवा उठे हिलोर। कब आओगे साजना, पूनम की है रात। कैसे बीते...

  • प्रेम के दोहे

    प्रेम के दोहे

    आज समस्या है बनी, धुंध हुआ विकराल। वायु प्रदूषण बढ़ गया,गंद बनी है काल।। काला धुआॅ छोड़ रहे,वाहन चारों ओर। जाम समस्या है विकट,वाहन करते शोर।। दोषी कहें किसान को, जो करता है खेत। धूल कार्बन...

  • दोहा गीत – कश्मीर

    दोहा गीत – कश्मीर

    चलो चलें कश्मीर में, जहां देवता वास। रक्षाबंधन ईद का जश्न मनाएं खास। सत्तर सालों से यहां, पनपा था आतंक। ओछी चालें चल रहे, मार रहे थे डंक। जम्मू अरु कश्मीर का,रोका खास विकास। चलो चलें...

  • श्रावण का सोमवार

    श्रावण का सोमवार

    धारा बह गई धार में, तीन सौ सत्तर आज। पैंतीस ए खत्म हुई,चढ़ी आज परवाज। पहले श्रावण सोम को, बम बम भोले गान। चंद्रयान नभ को चला, ऊंची भरी उड़ान। दूजै श्रावण सोम को,मिला खाक में...

  • दोहा गीतिका

    दोहा गीतिका

    पाकिस्तान की गतिविधि,और जिहादी वार। तीन सौ सत्तर ढो  रही,देख रही सरकार। ध्वनि मत से पारित हुआ, बिल भी तीन तलाक। खुशी पीड़िता रो रही, देख रही सरकार। कैसे करदाता बढ़े, कैसे होय विकास। पिछली कमियां...


  • बसन्ती दोहे

    बसन्ती दोहे

    नीलगगन उज्जवल, लगे शीतला लगे बयार। हंस वाहिनी का जनम, वहे बसंती धार। १ उपवन में कलियां, खिली भ्रमर मचाए शोर। फूल फूल इठला रहे, देश बसंती भोर। २ मन भावनी सुहावनी, है ऋतुराज बसंत। उपवन...