गीतिका/ग़ज़ल

दोहा गीतिका

आँखों में दिखता नहीं, बिल्कुल पानी मित्र। जान-बूझकर है बना, मनु अज्ञानी मित्र। गोरखधंधे अब करें, होकर के निर्भीक। छीना-झपटी में लगे, हैं अज्ञानी मित्र। हैं उपाधियाँ नाम की, कुछ लोगों के पास। सरकारी नौकर बने, बनते ज्ञानी मित्र। जनता जाए भाड़ में, लेंगे रिश्वत रोज। इज्जत की चिंता नहीं पाप निशानी मित्र। चूसें खून […]

कुण्डली/छंद

वन-संपदा

१- दाता बेटा सौ बुरे, जो नहिं जाने धर्म। व्यभिचारी या हों असुर, करते फिरें कुकर्म। करते फिरें कुकर्म, ज्ञान से बिल्कुल खाली। बात बात में बात, और देते हों गाली। होता है तरु नेक, धूप से हमें बचाता। करे पथिक विश्राम, वृक्ष होता है दाता। २- वृक्ष लगाए जो पुरुष, पाले पुत्र समान। ऐसे […]

गीत/नवगीत

दोहा गीत

जो विपदा में साथ दे, और हरे सब पीर। साथी सच्चा है वही, रहे सदा गंभीर।। बातें हितकर जो करें, और मधुर व्यवहार। उसे हितैषी जानिए, कहे प्रेम सुन यार। मिलने पर हर्षे सदा, होवे आत्म विभोर। चाहे हित जो सर्वदा,यार वही सिरमोर। रहे सहायक दुःख में, ज्ञानी और सुधीर। साथी सच्चा है वही, रहे […]

गीतिका/ग़ज़ल

गीतिका

समांत-अना पदांत-पूनम की है रात मौसम बड़ा सुहावना, पूनम की है रात। जागी मन में भावना, पूनम की है रात। पिया गए परदेस को, मनवा उठे हिलोर। कब आओगे साजना, पूनम की है रात। कैसे बीते जिंदगी, बिन तेरे भरतार। कठिन लगे है साधना, पूनम की है रात। चंचल किरणें चांद की, बैरिन हो गई […]

मुक्तक/दोहा

प्रेम के दोहे

आज समस्या है बनी, धुंध हुआ विकराल। वायु प्रदूषण बढ़ गया,गंद बनी है काल।। काला धुआॅ छोड़ रहे,वाहन चारों ओर। जाम समस्या है विकट,वाहन करते शोर।। दोषी कहें किसान को, जो करता है खेत। धूल कार्बन हर जगह,नाम पराली लेत।। धुआं बन रहा काल है, फैल रहे हैं रोग। क्रिया प्रतिक्रिया नियम है, करनी को […]

गीत/नवगीत

दोहा गीत – कश्मीर

चलो चलें कश्मीर में, जहां देवता वास। रक्षाबंधन ईद का जश्न मनाएं खास। सत्तर सालों से यहां, पनपा था आतंक। ओछी चालें चल रहे, मार रहे थे डंक। जम्मू अरु कश्मीर का,रोका खास विकास। चलो चलें कश्मीर में, जहां देवता वास। भारत के कुछ पातकी, देते उनका संग। कहते हम तो लड़ रहे, आजादी की […]

मुक्तक/दोहा

श्रावण का सोमवार

धारा बह गई धार में, तीन सौ सत्तर आज। पैंतीस ए खत्म हुई,चढ़ी आज परवाज। पहले श्रावण सोम को, बम बम भोले गान। चंद्रयान नभ को चला, ऊंची भरी उड़ान। दूजै श्रावण सोम को,मिला खाक में पाक। मुस्लिम बहिनें खुश हुईं, गायब  हुआ तलाक। तीजे श्रावण सोम को, काशमीर आबाद। पूरे जग खुशियां मने, मोदी […]

गीतिका/ग़ज़ल

दोहा गीतिका

पाकिस्तान की गतिविधि,और जिहादी वार। तीन सौ सत्तर ढो  रही,देख रही सरकार। ध्वनि मत से पारित हुआ, बिल भी तीन तलाक। खुशी पीड़िता रो रही, देख रही सरकार। कैसे करदाता बढ़े, कैसे होय विकास। पिछली कमियां जो रही, देख रही सरकार। सेना को हर क्षेत्र में, किया बहुत मजबूत। फिर भी सैनिक खो रही, देख […]

कुण्डली/छंद

मनहरण घनाक्षरी : मोर

पीहू पीहू करे मोर,      आषाढ़ सुहानी भोर।           काले घन घिर आए,                   जल बरसायेंगे। कोयलिया कूक रही,     पपिया ने बात कही,          मेघा बरसेंगे तब               प्यास को बुझायेंगे। […]

मुक्तक/दोहा

बसन्ती दोहे

नीलगगन उज्जवल, लगे शीतला लगे बयार। हंस वाहिनी का जनम, वहे बसंती धार। १ उपवन में कलियां, खिली भ्रमर मचाए शोर। फूल फूल इठला रहे, देश बसंती भोर। २ मन भावनी सुहावनी, है ऋतुराज बसंत। उपवन में कुसुमावली सुखदायी भगवंत। ३ आया है मधुमास सखि, भ्रमर कली मड़राय। पान करें कब मधु मधुर, बैठा आस […]