कविता

महाकाल

काल हूँ महाकाल हूँ अनंत का विस्तार। रुद्र का भी अवतार भाव से करता भक्तों को भव पार हूँ। न दिखे सत्य तो संपूर्ण संसार का करता विनाश हूँ। काली का महाकाल हूँ विष्णु का आराध्या मैं विश्वनाथ हूँ। मैं स्थिर हूँ अस्थिर भी हूँ इसीलिए सदाशिव हूँ। देवों का भी देव हूँ इसीलिए मैं […]

कविता

रिश्ते

रिश्ते बनाते हो तो रिश्ते निभाना सीखो। दिल लगाते हो तो दिल लगाना सीखो। जीवन मिला है तो थोड़ा-थोड़ा मर कर जीना भी सीखो। वक्त के पन्नों पर सब कुछ धीरे-धीरे बदल सा जाएगा। स्वयं को समझ कर दूसरों को समझाना सीखो। टूटते है दिल अक्सर कांच की तरह फिर भी दूसरों के दिल को […]

कविता

एक पत्र ईश्वर के नाम

मेरे प्रिय ईश्वर मैं तुम्हें जानता नहीं, मैंने तुम्हें कभी देखा भी नहीं है। मगर फिर भी तुम मेरी भावनाओं में, मेरी आत्मा रहते हो। जीवन मेरे में अनेक उतार-चढ़ाव आए, मैं हंसा भी बहुत रोया भी बहुत मगर तुम्हें न जानते हुए भी तुम्हारी अनुभूति मुझे हर पल, हर जगह होती रही। लोगों ने […]

सामाजिक

समय का सदुपयोग

          समय न रुकता है न थकता है। बस हर पल चलता रहता है। समय के न पांव है न कोई पहिया है। फिर भी बड़ी रफ्तार से दौड़ता है। बहुत सारे लोग समय का सही उपयोग कर पाते हैं तो बहुत सारे नहीं भी।अक्सर लोग बस इसी सोच विचार में […]

कविता

मैं समय हूँ

मैं समय हूँ फिर लौट कर आऊंगा  सब गमों को चीरकर  और ख़ामोशी से सबको  चुप करवा जाऊंगा।  मैं समय हूं  सब जानता हूं  इसीलिए घबराता नहीं  चुपचाप सुनता हूं  किसी को सुनाता नहीं।  मैं समय हूं  बीत कर भी मैं  फिर वापस भी आ जाता हूं  और जब आता हूं  तो सब कुछ  अच्छा […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

मां काली कल्याणकारी ना की विनाशकारी

माँ काली कल्याणकारी देवी है न की विनाशकारी है, महाकाली के संबंध में बहुत सारी भ्रांतियां फैली हुई है। बहुत सारे लोग मां काली के स्वरूप को देखकर ही घबरा जाते हैं पर वास्तव में मां काली का स्वरूप जितना भयंकर है मां का दिल उतना ही सौम्य है। वास्तव में मां काली दुर्गा माँ […]

कविता

ज़रा याद करें

आओ मिलकर विचारों की ज़रा आग जलाए। डूब रही है जो देश की हस्ती ज़रा उसको रोशनाए। मर मिटे है जो अपने देश के लिए ज़रा उनकी याद सब को मिल करवाएं। जो कहते हैं यौवन आता है एक बार मस्ती का। ज़रा उनको भगत सिंह के आज तक गूंजते नव यौवन की कहानी सुनाएं। […]

इतिहास

युवा दिवस और युवाओं के लिए संदेश

स्वामी विवेकानंद जी एक ऐसे शख्स है जिस पर सिर्फ भारत वासियों को नहीं समूची मानव जाति को उन पर गर्व है इन्होंने अपनी ओजस्वी वाणी से टूटी हुई भारतीय जनता को फिर से उठ खड़े होने के लिए प्रेरित किया। वास्तव में किसी भी युग पुरुष की जयंती मनाने का मतलब उनको सिर्फ याद […]

सामाजिक

नव वर्ष नए संकल्प

नव वर्ष भारतवर्ष में ही नहीं पूरे विश्व में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है मगर नव वर्ष में क्या हमने कभी नव वर्ष के साथ अपनी सोच को बदला,अपने विचारों को अग्रसर किया,अपनी गंदी नियत को साफ किया,बेमतबल के धर्म के नाम पर होने वाले लड़ाई झगड़ों को बंद किया, नहीं बिल्कुल भी नहीं […]

कविता

एक शाम जिंदगी के नाम

एक शाम अपनी जिंदगी के नाम लिखूंगा। जो बीत चुका है कल उसे भी प्रेम से,विश्वास से मोहब्बत से लिखूंगा। इम्तिहान तो बहुत दिए अपने जीवन में मगर फिर भी प्रेम से समर्पण से सबको मिलूंगा। जीवन में अच्छे और बुरे दोनों तरह के लोग मिले , मगर फिर भी समदर्शी होकर मै सब को […]