Category : बालोपयोगी लेख

  • शरारत करो, लेकिन संभलकर

    शरारत करो, लेकिन संभलकर

    प्रिय बच्चो, आयुष्मान, बुद्धिमान, सेवामान, अर्थात दीर्घायु बनो, बुद्धिवान बनो, सेवावान बनो. अरे भाई, आप जैसे प्यारे-प्यारे बच्चों को आशीर्वाद देने का यह हमारा तरीका है. हम जिसे पहली बार आशीर्वाद देते हैं, उसके हावभाव से यह...

  • बुद्धिमान राजा

    बुद्धिमान राजा

    .एक राज्य के लोग एक वर्ष के उपरान्त अपना राजा बदल देते थे. राजा को हटाने के दिन जो भी व्यक्तिसबसे पहले शहर में आता था तो उसे ही नया राजा घोषित कर दिया जाता था..पहले...

  • राखी त्यौहार और हम

    राखी त्यौहार और हम

    राखी त्यौहार और हम राखी का त्यौहार आ ही गया ,इस त्यौहार को मनाने के लिए या कहिये की मुनाफा कमाने के लिए समाज के सभी बर्गों ने कमर कस ली है। हिन्दुस्थान में राखी की...

  • पिता

    पिता

    गुस्से से मैं घर से चला आया, इतना गुस्सा था की गलती से पापा के जूते पहने गए। मैंआज बस घर छोड़ दूंगा, और तभी लौटूंगा जब बहुत बड़ा आदमी बन जाऊंगा। जब मोटर साइकिल नहीं...