यदि मैं स्मृति बन जाऊँ
कभी-कभी मन की देहरी परएक मौन प्रश्न आकर ठहर जाता हैकि… यदि एक दिनमैं केवल स्मृति बन जाऊँतो क्या मेरी
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Read Moreहर साल नई किताबें : बच्चों पर बोझ और प्रकृति पर चोट शिक्षा किसी भी देश की प्रगति का आधार
Read Moreमनुष्य के जीवन में संघर्ष और सफलता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। बिना संघर्ष के प्राप्त सफलता न
Read Moreभारतीय संस्कृति में नारी को सृजन, करुणा और सौंदर्य का प्रतीक माना गया है, और साड़ी उसकी इस दिव्यता को
Read Moreफागुन आया मस्ती लाया, रंगों की पिचकारी लाया,गली-गली में शोर मचा है “होली है!” सबने गाया।कल तक जो थे बड़े सयाने,
Read Moreगरज उठा रण भैरव नभ में,धरती ने हुंकार भरी,शौर्य सूर्य फिर उग आया,भुजाओं में ज्वाला धरी। टकरा जाए पर्वत भी
Read Moreगाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी से सामने आई घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। 9वीं मंज़िल से
Read Moreशिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान का संचय नहीं, बल्कि व्यक्ति को विवेकशील, संवेदनशील और उत्तरदायी नागरिक बनाने की प्रक्रिया है। किंतु
Read Moreमनुष्य के जीवन की दिशा और दशा दो महत्वपूर्ण स्तंभों पर आधारित होती है—संस्कार और अनुभव। जब हम छोटे होते
Read Moreकाश मैं भी होती एक पुस्तक की भांँति तो पढ़कर समझ पाती अपने गुजरे हुए कल आने वाले वर्तमान और
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