शिक्षा का बदलता स्वरूप
शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान का संचय नहीं, बल्कि व्यक्ति को विवेकशील, संवेदनशील और उत्तरदायी नागरिक बनाने की प्रक्रिया है। किंतु
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Read Moreमनुष्य के जीवन की दिशा और दशा दो महत्वपूर्ण स्तंभों पर आधारित होती है—संस्कार और अनुभव। जब हम छोटे होते
Read Moreकाश मैं भी होती एक पुस्तक की भांँति तो पढ़कर समझ पाती अपने गुजरे हुए कल आने वाले वर्तमान और
Read Moreगौरी पुत्र गणेश, मैं तेरे, चरणों में पुष्प चढ़ाऊँ सब देवों के स्वामी तुम हो, तेरे ही गुण गाऊँ गौरी
Read Moreआने वाले सुंदर कल की तस्वीर हैं बच्चे, उज्ज्वल उन्नत देश की तकदीर हैं बच्चे जी हाँ ,आज के बच्चे
Read Moreभगवान् का रूप है आप ज्ञान का स्वरूप है आप, विद्यार्थी को जीने की कला बताकर हर मुश्किल से लड़ना
Read Moreजो भरा नहीं है भावों से ,बहती जिसमें रसधार नहीं वह हृदय नहीं वो पत्थर है ,जिसमें स्वदेश का प्यार
Read More“धर्म मनुष्य के लिए है, ना कि मनुष्य धर्म के लिए” जी हाँ, धर्म की परिभाषा से अनजान कुछ लोग
Read Moreएक अच्छे मनुष्य की यही पहचान है कि वह औरों का हौसला बढ़ाएं और कठिनाई के समय में उनकी मदद
Read Moreविचार ईश्वर का वरदान है। इसके सही उपयोग से अद्भुत शक्तियां पायी जा सकती हैं। विचार से भाग्य को भी
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