गीत/नवगीत

गीत : मत बाँधो दरिया का पानी

मत बाँधो दरिया का पानी
बहने दो अब लहर-लहर को ॥

किसे दिखाऊँ किसे बताऊँ
अंतर  गहरे  घाव  बहुत हैं
रीत  रहा घट यूँ  साँसों  का
जानूं   कैसे  दाँव   बहुत  हैं

मत साधो स्वर रुँधे कंठ मॆं
छूने दो बस अधर-अधर को ॥

भोर  बुनी  तो  दिन  हर्षाया
बुनी  रात  तो  सपना  पाया
चारों  पहर  फँसे  गुदड़ी  मॆं
चैन नहीँ इक पल को आया

कर्म -भाग्य का करते लेखा
कोस रहे क्यों पहर-पहर को ॥

जीत जीतकर जीत न पाये
जीवन की इस मैराथन को
कस्तूरी  ले   जेब   भटकते
खूब सताया लोलुप मन को

नाता   तोड़ो   अंधकार   से
खिलने दो नव सहर -सहर को ॥

कल्पना मनोरमा

कल्पना मनोरमा

जन्म तिथि 4/6/1972 जन्म स्थान – औरैया, इटावा माता का नाम- स्व- श्रीमती मनोरमा मिश्रा पिता का नाम- श्री प्रकाश नारायण मिश्रा शिक्षा - एम.ए (हिन्दी) बी.एड कर्म क्षेत्र - अध्यापिका प्रकाशित कृतियाँ – सारंस समय का साझा संकलन,जीवंत हस्ताक्षर साझा संकलन, कानपुर हिंदुस्तान,निर्झर टाइम्स अखबार में,इंडियन हेल्प लाइन पत्रिका में लेख,अभिलेख, सुबोध सृजन अंतरजाल पत्रिका में। हमारी रचनाएँ पढ़ सकते हो । लेखन - स्वतंत्र लेखन संप्रति - इंटर कॉलेज में अध्यापन कार्य । सम्मान - मुक्तक मंच द्वारा (सम्मान गौरव दो बार )भाषा सहोदरी द्वारा (सहोदरी साहित्य ज्ञान सम्मान) साहित्य सृजन - अनेक कवितायें तुकांत एवं अतुकांत,गजल गीत ,नवगीत ,लेख और आलेख,कहानी ,लघु कथा इत्यादि ।

2 thoughts on “गीत : मत बाँधो दरिया का पानी

  • विजय कुमार सिंघल

    अच्छा गीत !

  • विजय कुमार सिंघल

    अच्छा गीत !

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