बाल कविता

कुल्फीवाला

रंग-बिरंगी मीठी मीठी कुल्फी
खाकर याद करोगे तुम भी
आओ बच्चो खाकर देखो
स्वाद भी है और पौष्टिक भी
यह कुल्फी ड्राई फ्रूट से भरी है
हाँजी कुल्फी वाला आया है
खुशियों का खजाना लाया है
खाकर तुम भी मूड बदलो
कुल्फी खाकर डूड बन लो
जीभ पर रंग यूं दिखाकर
दोस्तो के संग में हँस लो
कुल्फी वाला फिरता गली-गली
चाहे हो बच्चा चाहे बड़ा खली
मेरी कुल्फी से ही बात बनी।
कामनी गुप्ता***
जम्मू !

कामनी गुप्ता

माता जी का नाम - स्व.रानी गुप्ता पिता जी का नाम - श्री सुभाष चन्द्र गुप्ता जन्म स्थान - जम्मू पढ़ाई - M.sc. in mathematics अभी तक भाषा सहोदरी सोपान -2 का साँझा संग्रह से लेखन की शुरूआत की है |अभी और अच्छा कर पाऊँ इसके लिए प्रयासरत रहूंगी |