लघुकथा

छुआछूत

‘अ’ पहली बार अपने दोस्त ‘ब’ के घर गया, वहां देखकर उसने कहा,  “तुम्हारा घर कितना शानदार है – साफ और चमकदार”
“सरकार ने दिया है, पुरखों ने जितना अस्पृश्यता को सहा है, उसके मुकाबले में आरक्षण से मिली नौकरी कुछ भी नहीं है, आओ चाय पीते हैं”
चाय आयी, लेकिन लाने वाले को देखते ही ‘ब’ खड़ा हो गया, और दूर से चिल्लाया, “चाय वहीँ रखो…और चले जाओ….”
‘अ’ ने पूछा, “क्या हो गया?”
“अरे! यही घर का शौचालय साफ़ करता है और यही चाय ला रहा था!”

डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी

डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी शिक्षा: विद्या वाचस्पति (Ph.D.) सम्प्रति: सह आचार्य (कम्प्यूटर विज्ञान) साहित्यिक लेखन विधा: कविता, लघुकथा, बाल कथा, कहानी 18 पुस्तकें प्रकाशित, 10 संपादित पुस्तकें 52+ शोध पत्र प्रकाशित 70+ राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त फ़ोन: 9928544749 ईमेल: writerchandresh@gmail.com डाक का पता: 3 प 46, प्रभात नगर, सेक्टर-5, हिरण मगरी, उदयपुर (राजस्थान) – 313 002 यू आर एल: https://sites.google.com/view/chandresh-c/about ब्लॉग: http://laghukathaduniya.blogspot.in/