कविता

अनमोल जीवन

सृष्टि का खूबसूरत उपहार है जीवन
इससे प्यार कीजिए,
जीवन को खिलौना समझ
न दुर्व्यवहार कीजिए।
अनमोल है जीवन
इसका मूल्य समझिए,
जीवन को कूड़ा करकट न मानिए।
धरा पर मानव सृष्टि की
सर्वश्रेष्ठ संरचना है,
इसके लिए ईश्वर का धन्यवाद कीजिए
उस संरचना का आप भी भाग हैं
यह भी जान लीजिए।
अब आप सोचिए कि जीवन क्या है?
जीवन का लुत्फ उठाना है
या जबरन जीना है।
आपके लिए जीवन कुछ भी हो सकता है,
मगर हमारे लिए अनमोल जीवन है,
क्योंकि ईश्वर और प्रकृति ने
माँ के माध्यम से जीवन का
जीवन का खूबसूरत उपहार दिया है।

 

*सुधीर श्रीवास्तव

शिवनगर, इमिलिया गुरूदयाल, बड़गाँव, गोण्डा, उ.प्र.,271002 व्हाट्सएप मो.-8115285921