राजनीति

आज़ादी का अमृत महोत्सव

हम सभी जानते हैं कि हम आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं । 15 अगस्त भारत देश के लिए गर्व और सौभाग्य का दिवस है। यह पर्व हमारे हृदय में नवीन स्फूर्ति, नवीन आशा, उत्साह तथा देश-भक्ति का संचार करता है। स्वतंत्रता दिवस समारोह हमें सतत इस बात की याद दिलाता है कि हमने कितनी कुर्बानियाँ देकर यह आजादी प्राप्त की है, जिसकी रक्षा हमें हर कीमत पर करनी है। चाहे हमें इसके लिए अपने प्राणों का त्याग क्यों न करना पड़े। इस प्रकार हम स्वतंत्रता दिवस के पर्व को पूर्ण उत्साह, उमंग और जोश के साथ मनाते हैं, परन्तु क्या सिर्फ उत्सव मना लेना ही पर्याप्त है? नहीं, हमें इस उत्सव के साथ साथ राष्ट्र की स्वतंत्रता और सार्वभौमिकता की रक्षा का प्रण लेना भी ज़रूरी है। इस साल का स्वतंत्रता दिवस काफी खास है। देश आजादी का 75वां स्वतंत्रता दिवस अमृत महोत्सव के रूप में मना रहा है। माननीय प्रधानमंत्री जी ने भी खास अंदाज में इस दिन को मानाने का फैसला किया है। अमृत महोत्सव के तहत हर घर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की योजना बनाई गयी है, उम्मीद है आप सभी ने ऐसा किया होगा, सेल्फी भी लिए होंगे, सोशल मीडिया पर अपलोड भी किए होंगे! पर याद रहे, ये जोश, ये जूनून, देशप्रेम का ये भाव, सिर्फ आज एक दिन के लिए नहीं, पर साल भर तक कायम रखना है। आज सबसे पहले हमें उन स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करना चाहिए जिन्होंने इस देश को आजाद कराने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया। यह दिन हमें महात्मा गांधी, भगत सिंह, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद, सरदार वल्लभभाई पटेल, लाला लाजपत राय, रामप्रसाद बिस्मिल, वीर सावरकर समान सैंकड़ों महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान की याद दिलाता है। साथ ही साथ हमें कोटि कोटि आभार मानना चाहिए हमारी सेना के शौर्य का, जो मुस्तैदी से जल-थल-नभ पर डट कर हमारी सीमाओं की सुरक्षा चाक-चौबंद करती है, और आवश्यकता पड़ने पर अपने प्राणों को आहूत करने से भी पीछे नहीं हटती। तो आज के दिन विशेष नमन उन शहीदों को भी जिन्होंने सर्वस्व न्योछावर किया इस मातृभूमि के लिए!
देश को आजाद हुए सात से अधिक दशक हो चुके हैं और इस दौरान देश हर मोर्चे पर दुनिया भर में अपनी धाक जमा चुका है। साइंस, टेक्नोलॉजी, आर्थिक, कृषि, शिक्षा, साहित्य, खेल समेत तमाम मोर्चों पर भारत बहुत तरक्की कर चुका है। परमाणु क्षमता संपन्न देश भारत अंतरिक्ष के क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल कर चुका है। चंद्रयान 2 की सफलता इसका बड़ा प्रमाण है। विकास के हर क्षेत्र में भारत बहुत आगे बढ़ चुका है। दुनिया भारत की ओर देख रही है। हाल में भारत ने ओलंपिक में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारत के नीरज चोपड़ा ने भाला फेंक में गोल्ड मेडल जीता। वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और रेसलर रवि कुमार दहिया ने सिल्वर मेडल दिलाया। कामनवेल्थ गेम्स में भी भारत लगातार अपना बेहतरीन प्रदर्शन देकर मेडल्स एकत्रित कर रहा है, हर एक क्षेत्र में हम अपना परचम लहरा रहे हैं, हमारी सनातन संस्कृति आज पश्चिमी देशों को अपनी और आकर्षित कर रही है। हमारे गौरवशाली इतिहास का लोहा आज समूचा विश्व मान रहा है । कोरोना काल सम्पूर्ण विश्व के लिए जटिल समय रहा है, भारत ने ऐसे में एक बड़े भाई की भूमिका निभाते हुए न सिर्फ वैक्सीन से सभी देशों की सहायता की, अपितु अन्न तथा अन्य ज़रुरत की वस्तुओं तथा ज़रूरी दवाइयों का भी बड़ी तादाद में निर्यात किया । आज का भारत आँख में आँख डालकर बात करने में सक्षम है, आज हम हर प्रकार से सशक्त हैं तथा वैश्विक स्तर पर अपनी मज़बूत पहचान लेकर तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं । आज का भारत युवाओं का भारत है, आने वाला समय युवा शक्ति के हाथों लिखा जायेगा, इसलिए आप सभी अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण के कार्यों में अवश्य लगाएं, राष्ट्रहित की चर्चा परिचर्चा को दिनचर्या में शुमार करें। बच्चों से, परिजनों तथा इष्ट मित्रों से राष्ट्र के विषय में बात करें, इस विषय का प्रसार दैनिक जीवन में करें। राष्ट्रधर्म को आदत बना लें। यह भारत का युग है, आने वाला समय हमारा होगा, राष्ट्रवाद अब एक प्रकार से फैशन बनने लगा है। आप भी इसे चलन में लाने में अपना गिलहरी वाला योगदान दें, यह रामसेतु भी बन ही जायेगा। अंत में विद्यालय में पढ़ी एक कविता की इन पंक्तियों के साथ आपको छोड़े जाती हूं :-
कोटि बाहु में शक्ति इसी की,
कोटि प्राण में भक्ति इसी की,
कोटि-कोटि कण्ठों में गुन्जित,
मधुर-मधुर जय गान देश का,
हमको है अभिमान देश का
हमको है अभिमान देश का
जय हिन्द! जय माँ भारती!
— प्रियंका अग्निहोत्री “गीत”

प्रियंका अग्निहोत्री 'गीत'

पुत्री श्रीमती पुष्पा अवस्थी