ग़ज़ल
कैसे सदा दिल पे अपने पतझड़ ठहरेगाहाल-ए-दिल हमारा किसी दिन तो सँवरेगा आज तलक हमपे समाँ गुज़रा है जो हमदमदेखना
Read Moreऐसी रार मचाते आयेतहज़ीबें ठुकराते आये कहने भर के सारे रिश्तेएकतरफ़ा ही निभाते आये सबने छोड़ दिया जब हमकोख़ुद को
Read Moreदिन तेरी याद में ढलता है तो फिर यूँ ही सहीख़्वाब आँखों में चमकता है तो फिर यूँ ही सही
Read Moreफिल्म निर्माता नितिन मिश्रा ने उत्तर प्रदेश आर्टिस्ट एसोसिएशन द्वारा यूपीएए अवार्ड्स का आयोजन किया । इस 31वें अवार्ड समारोह
Read Moreतमाम उम्र यही सिलसिला होता रहामैंने जो माँगा हर उस चीज़ को खोता रहा मेरे अरमान थे कुछ ख़्वाब थोड़ी
Read Moreनए जमाने का चलन क्या कहें, बताओ आप ?घर पर बोलचाल है बंद व्हाट्सएप पर वार्तालापकुछ बोलें बतियायें कुछ forwarded
Read More