सारे रिश्ते
ऐसी रार मचाते आये
तहज़ीबें ठुकराते आये
कहने भर के सारे रिश्ते
एकतरफ़ा ही निभाते आये
सबने छोड़ दिया जब हमको
ख़ुद को हम अपनाते आये
नेकी कर दरिया में डालें
दुनिया से दोहराते आये
ग़म कितने भी मिले यहाँ पर
“गीत” ख़ुशी के गाते आये
— प्रियंका अग्निहोत्री “गीत”
